Share Market: भारत के शेयर बाजार में एक बड़ा भूचाल तब देखने को मिला जब सिगरेट बनाने की सबसे बड़ी कंपनी आईटीसी (ITC) के शेयरों में पिछले छह सालों की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सरकार द्वारा सिगरेट, तंबाकू और बीड़ी पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने के ऐलान ने निवेशकों को चिंता में डाल दिया, जिससे कंपनी का बाजार पूंजीकरण 50,000 करोड़ रुपये से अधिक घट गया। यह घटनाक्रम शेयर बाजार में Share Market से जुड़े निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण सबक है कि सरकारी नीतियां कैसे बड़े-बड़े दिग्गजों को भी प्रभावित कर सकती हैं।
Share Market में भूचाल: ITC और तंबाकू शेयरों पर नई एक्साइज ड्यूटी का असर
Share Market पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ोतरी का सीधा प्रभाव
गुरुवार को कारोबारी सत्र के दौरान, आईटीसी के शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर 5.92 प्रतिशत गिरकर 379.1 रुपये पर आ गए। इंट्रा-डे ट्रेडिंग में यह गिरावट 5.96 प्रतिशत तक पहुंच गई, जिससे शेयर 379.00 रुपये के निचले स्तर पर पहुंच गया। यह पिछले एक साल में आईटीसी के शेयरों के लिए अब तक का रिकॉर्ड निचला स्तर है। वित्त मंत्रालय ने तंबाकू, सिगरेट और बीड़ी पर 40 प्रतिशत की दर से वस्तु एवं सेवा कर (GST) लगाने का निर्णय लिया है, जो 1 फरवरी से प्रभावी होगा। इस फैसले से तंबाकू संबंधित उत्पादों की कीमतों में कम से कम 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है। निवेशकों ने इस संभावित नुकसान को भांप लिया और शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मार्लबोरो सिगरेट बेचने वाली कंपनी गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया का हाल तो और भी बुरा रहा, जिसके शेयर 19 प्रतिशत तक लुढ़क गए। नवंबर 2016 के बाद से यह कंपनी के लिए एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट है। शेयरों में यह गिरावट तब शुरू हुई जब वित्त मंत्रालय ने 1 फरवरी से सिगरेट की लंबाई के आधार पर प्रति 1,000 सिगरेट स्टिक्स पर 2,050 रुपये से 8,500 रुपये तक की एक्साइज ड्यूटी लगाने की बात कही। यह नया कर मौजूदा 40 प्रतिशत जीएसटी के अतिरिक्त लगाया गया है। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/business/ ऐसे में, बाजार विश्लेषक आगामी समय में तंबाकू उत्पादों की बिक्री में कमी और कीमतों पर दबाव की चेतावनी दे रहे हैं।
विशेषज्ञों की राय और आगे की राह
जेफरीज (Jefferies) ने अपने एक नोट में लिखा, “अभी भी कई बातें स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन हमारी गणना बताती है कि यदि राष्ट्रीय आपदा आकस्मिक शुल्क (NCCD) जारी रहता है, तो कुल कर वृद्धि 30 प्रतिशत से अधिक हो सकती है। यदि NCCD को इसमें शामिल कर लिया जाता है, तो भी इसका असर 20 प्रतिशत से अधिक होगा।” जेफरीज ने इसे बाजार के लिए एक नकारात्मक संकेत करार दिया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह बढ़ोतरी न केवल तंबाकू उत्पादों की मांग को प्रभावित कर सकती है, बल्कि इससे अवैध सिगरेट के कारोबार को भी बढ़ावा मिल सकता है, जिससे सरकार के राजस्व पर भी असर पड़ सकता है। निवेशकों के लिए तंबाकू शेयर में निवेश को लेकर अब और भी सतर्क रहने की आवश्यकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस नीतिगत बदलाव का दीर्घकालिक प्रभाव क्या होगा, यह देखना अभी बाकी है, लेकिन अल्पकालिक रूप से, इसने बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना दिया है।




