

Adani Wedding: गौतम अडानी के छोटे बेटे जीत अडानी अपनी शादी से ठीक पहले एक असाधारण पहल, ‘मंगल सेवा’ में शामिल हुए, जिसने समाज में एक गहरा संदेश दिया है। यह सिर्फ एक विवाह समारोह से कहीं बढ़कर, एक सामाजिक दायित्व और संवेदना का प्रतीक बन गया है। भारतीय व्यापार जगत के सबसे प्रमुख नामों में से एक, अडानी परिवार ने एक ऐसे समय में अपनी मानवीय संवेदना का परिचय दिया है जब अक्सर ऐसे बड़े आयोजनों में भव्यता ही प्रमुखता पाती है।Adani Wedding: जीत अडानी ने शादी से पहले उठाया ‘मंगल सेवा’ का बीड़ा, 500 दिव्यांग दुल्हनों को देंगे 10-10 लाख की सहायताAdani Wedding: ‘मंगल सेवा’ पहल की प्रेरणा और उद्देश्यअडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी के छोटे बेटे जीत अडानी ने अपनी दुल्हन दिवा शाह के साथ वैवाहिक जीवन की शुरुआत एक अनूठी सामाजिक जिम्मेदारी के साथ की है। अपनी शादी की पूर्व संध्या पर, जीत ने ‘मंगल सेवा’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जिसका लक्ष्य नवविवाहित दिव्यांग महिलाओं को सशक्त बनाना है। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि एक वैवाहिक जीवन को भय और असुरक्षा से मुक्त रखने के लिए यह पहल आवश्यक है। इस वर्ष, ‘मंगल सेवा’ के तहत 500 नवविवाहित दिव्यांग महिलाओं को 10-10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
उन्होंने लिखा जीत और दिवा अपने वैवाहिक जीवन का एक वर्ष पूर्ण कर रहे हैं। इस सुखद अवसर पर उन्हें हार्दिक शुभकामनाएँ।आज के ही दिन पिछले वर्ष उन्होंने ‘मंगल सेवा’ का संकल्प लिया था, जिसके तहत हर वर्ष 500 नवविवाहित दिव्यांग बहनों को प्रति बहन 10 लाख रुपये का आर्थिक सहयोग देने का प्रण किया गया, जो आज भी उसी समर्पण के साथ आगे बढ़ रहा है। यह मेरे लिए अत्यंत संतोष और कृतज्ञता का विषय है।समय के साथ इस प्रयास ने अनेक परिवारों के जीवन में सम्मान और नई उम्मीद के साथ एक नई शुरुआत का अवसर दिया है। सच कहूं तो, जब किसी बेटी के जीवन में मुस्कान और आत्मविश्वास लौटता है, उस क्षण का संतोष ऐसा होता है, जिसके आगे दुनिया की बड़ी से बड़ी उपलब्धि और वैभव भी छोटे लगते हैं।
एक पिता के रूप में मैं स्वयं को धन्य महसूस करता हूँ कि मेरे बच्चे अपनी खुशियों के साथ अनेक परिवारों के जीवन में भी आशा और मुस्कान जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।मेरी प्रभु से यही प्रार्थना है कि सेवा का यह भाव आगे भी अनेक परिवारों के जीवन में सुख, सम्मान और नई आशा लेकर आता रहे, और जीत व दिवा इस मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ते रहें।यह कार्यक्रम विशेष रूप से नई शादीशुदा दिव्यांग महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें एक सुरक्षित भविष्य प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। हर साल 500 ऐसी महिलाओं को यह आर्थिक मदद मिलेगी। इस परोपकार से जुड़ी इस पहल के मौके पर दिवा शाह ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। यह केवल वित्तीय सहायता नहीं, बल्कि सम्मान और समानता की दिशा में एक बड़ा कदम है।कार्यक्रम की शुरुआत में जीत अडानी ने 21 दिव्यांग दुल्हनों और उनके पतियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। यह मुलाकात उनके प्रति व्यक्तिगत जुड़ाव और समर्पण को दर्शाती है। जीत अडानी शुक्रवार, 7 फरवरी को अहमदाबाद में दिवा शाह के साथ विवाह बंधन में बंधने जा रहे हैं।गौतम अडानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस पहल से जुड़ी तस्वीरें साझा करते हुए अपनी भावनाओं को व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, “यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि मेरा बेटा जीत और बहू दिवा अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत एक पुण्य संकल्प के साथ कर रहे हैं।” उन्होंने आगे बताया कि जीत और दिवा ने ‘मंगल सेवा’ के तहत हर साल 500 दिव्यांग बहनों के विवाह में प्रत्येक के लिए 10 लाख रुपये का आर्थिक सहयोग देने का संकल्प लिया है।## एक पिता का संतोष और समाज के लिए प्रेरणागौतम अडानी ने इस पहल को एक पिता के रूप में “परम संतोष और सौभाग्य का विषय” बताया। उन्हें पूरा विश्वास है कि इस पावन परोपकार से अनेक दिव्यांग बेटियों और उनके परिवारों का जीवन सुख, शांति और सम्मान के साथ आगे बढ़ेगा। यह पहल न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि समाज में दिव्यांगजनों के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता को भी बढ़ाती है।इस तरह की निजी पहलें व्यापारिक घरानों को सिर्फ लाभ कमाने वाली संस्थाओं से बढ़कर सामाजिक कल्याण में भागीदार बनाती हैं। यह एक सशक्त संदेश है कि धन और समृद्धि के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




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