

Joint Bank Account: वित्तीय दुनिया में सहूलियत और साझेदारी का प्रतीक जॉइंट बैंक अकाउंट, अक्सर पति-पत्नी, माता-पिता और बच्चों या अन्य विश्वसनीय सदस्यों के बीच वित्तीय लेनदेन को सुगम बनाने के लिए चुना जाता है। यह एक ऐसा बैंकिंग साधन है जो दो या दो से अधिक व्यक्तियों को एक ही खाते का मिलकर संचालन करने की स्वतंत्रता देता है, लेकिन इस सुविधा के साथ-साथ कुछ महत्वपूर्ण नियम, अधिकार और जिम्मेदारियां भी जुड़ी होती हैं जिन्हें समझना अत्यंत आवश्यक है ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। आइए, जॉइंट बैंक अकाउंट से जुड़े उन अहम पहलुओं पर गहराई से नजर डालते हैं, जिनकी जानकारी हर खाताधारक को होनी चाहिए।
जॉइंट बैंक अकाउंट: साझेदारी की सुविधा और छिपे हुए जोखिम
जॉइंट बैंक अकाउंट संचालन के तरीके और सावधानियां
जॉइंट बैंक अकाउंट खुलवाते समय सबसे महत्वपूर्ण निर्णय उसका ऑपरेटिंग मोड चुनना होता है। यह मोड ही निर्धारित करता है कि खाते का संचालन कौन और कैसे करेगा। बैंक आमतौर पर ग्राहकों को तीन प्रमुख विकल्प प्रदान करते हैं:
- ‘Either or Survivor’: इस मोड में, दोनों खाताधारकों में से कोई भी व्यक्ति अकेले खाते का संचालन कर सकता है, चेक जारी कर सकता है, और पैसे निकाल सकता है। यह विकल्प सबसे सुविधाजनक माना जाता है, खासकर आपातकालीन स्थितियों में जहां तत्काल पैसों की आवश्यकता होती है और दूसरा खाताधारक उपलब्ध न हो। हालांकि, इस सुविधा के साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी आती है, क्योंकि कोई भी एक व्यक्ति दूसरे की अनुमति के बिना लेनदेन कर सकता है, जिससे संभावित दुरुपयोग का खतरा भी बना रहता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
- ‘Jointly’: इस विकल्प के तहत, खाते से होने वाले हर वित्तीय लेनदेन के लिए दोनों खाताधारकों की संयुक्त सहमति और हस्ताक्षर अनिवार्य होते हैं। यह मोड अधिकतम सुरक्षा प्रदान करता है, क्योंकि कोई भी एक व्यक्ति अकेले बड़ा फैसला नहीं ले सकता। हालांकि, इसमें लेनदेन प्रक्रिया थोड़ी धीमी हो सकती है, क्योंकि हर बार दोनों व्यक्तियों की उपलब्धता और हस्ताक्षर की जरूरत पड़ती है।
- ‘Former or Survivor’: इस मोड में, एक मुख्य खाताधारक (Former) होता है, जो अपने जीवनकाल में अकेले ही खाते का संचालन करता है। मुख्य खाताधारक के निधन के बाद ही दूसरा खाताधारक (Survivor) खाते का पूर्ण नियंत्रण प्राप्त करता है। यह विकल्प उन स्थितियों में उपयोगी है जहां एक व्यक्ति प्राथमिक रूप से वित्तीय मामलों को संभालता है, जबकि दूसरा आपात स्थिति के लिए बैकअप के तौर पर रहता है।
जॉइंट अकाउंट में अक्सर लोग ‘Either or Survivor’ विकल्प को प्राथमिकता देते हैं क्योंकि यह सबसे अधिक लचीलापन प्रदान करता है। यह विकल्प दैनिक खर्चों और तात्कालिक आवश्यकताओं के लिए बेहद व्यावहारिक है। हालांकि, इसकी सुविधा का अर्थ यह भी है कि दोनों में से कोई भी खाताधारक दूसरे की जानकारी या सहमति के बिना लेनदेन कर सकता है, इसलिए इस मोड का चयन करते समय आपसी विश्वास और पारदर्शिता बेहद महत्वपूर्ण होती है।
जॉइंट बैंक अकाउंट की जिम्मेदारी दोनों खाताधारकों पर समान रूप से आती है। इसका मतलब है कि यदि खाते में ओवरड्राफ्ट होता है, कोई चेक बाउंस होता है, या खाते के माध्यम से लिए गए किसी ऋण से संबंधित कोई समस्या आती है, तो इसका वित्तीय और कानूनी प्रभाव दोनों व्यक्तियों पर पड़ता है। इसलिए, जॉइंट खाता खोलने से पहले दोनों पक्षों के बीच वित्तीय जिम्मेदारियों और संभावित जोखिमों पर स्पष्ट चर्चा और सहमति होना अनिवार्य है। यह सुनिश्चित करना चाहिए कि दोनों ही व्यक्ति बैंक खाता संचालन से जुड़े नियमों और शर्तों से भली-भांति परिचित हों।
क्यों जरूरी है नॉमिनी का चयन?
कई लोगों का मानना होता है कि जॉइंट अकाउंट में नॉमिनी की क्या आवश्यकता है, क्योंकि दो खाताधारक तो पहले से ही हैं। हालांकि, यह एक गंभीर गलतफहमी है। दुर्भाग्यवश, यदि दोनों ही खाताधारकों का निधन हो जाता है, तो खाते में जमा राशि कानूनी दांव-पेंच में फंस सकती है और उत्तराधिकारियों के लिए इसे निकालना एक जटिल और लंबी प्रक्रिया बन सकती है। इसलिए, जॉइंट अकाउंट खुलवाते समय भी नॉमिनी का नाम दर्ज करवाना बेहद आवश्यक है। यह सुनिश्चित करता है कि खाताधारकों की अनुपस्थिति में, नॉमिनी को बैंक खाते में जमा राशि आसानी से मिल सके, जिससे उनके परिवार को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
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जॉइंट बैंक अकाउंट वित्तीय प्रबंधन का एक शक्तिशाली उपकरण हो सकता है, लेकिन इसके पूर्ण लाभ उठाने और संभावित नुकसान से बचने के लिए इसके नियमों, संचालन के तरीकों और जिम्मेदारियों को समझना बेहद महत्वपूर्ण है। एक सूचित निर्णय और आपसी समझ के साथ, जॉइंट अकाउंट आपकी वित्तीय यात्रा को अधिक सुगम और सुरक्षित बना सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





