
NSE IPO: भारतीय पूंजी बाजार के सबसे बड़े नामों में शुमार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) आखिरकार अपनी सार्वजनिक लिस्टिंग की दिशा में एक निर्णायक कदम उठाने जा रहा है। एक दशक से अधिक समय से निवेशकों की उम्मीदों का केंद्र रहा NSE IPO, अब एक ठोस आकार लेता दिख रहा है।
# NSE IPO: मार्च में मर्चेंट बैंकरों की नियुक्ति, क्या अब खत्म होगा लंबा इंतजार?
## NSE IPO की राह: नियामक मंजूरी और आगे की प्रक्रिया
NSE के मुख्य कार्यकारी आशीष चौहान के अनुसार, एक्सचेंज मार्च महीने में अपने बहुप्रतीक्षित NSE IPO के लिए मर्चेंट बैंकर्स की नियुक्ति कर सकता है। यह घोषणा उस अटकलबाजी को विराम देती है जो पिछले लगभग एक दशक से NSE की पब्लिक लिस्टिंग को लेकर चल रही थी। नियामक जांच और कई कानूनी चुनौतियों के कारण इस प्रक्रिया में लगातार देरी हुई, लेकिन अब SEBI से हरी झंडी मिलने के बाद स्थिति स्पष्ट होती दिख रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मर्चेंट बैंकरों की नियुक्ति के बाद, वे नियामक फाइलिंग के लिए आवश्यक दस्तावेज़ तैयार करने का काम शुरू कर देंगे। इसके बाद सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के साथ मिलकर अप्रूवल प्रक्रिया को समन्वित किया जाएगा। फरवरी में ही SEBI ने NSE के आईपीओ के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) दे दिया था, जो इस प्रक्रिया के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव था। IPO लाने की प्रक्रिया में मर्चेंट बैंकरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। वे ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) तैयार करने और उसे SEBI के पास दाखिल करने के लिए जिम्मेदार होते हैं। इसके अलावा, वे IPO के लिए मूल्यांकन और मूल्य सीमा भी निर्धारित करते हैं। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें।
## ऑफर फॉर सेल और संभावित मूल्यांकन
NSE का आगामी IPO पूरी तरह से ऑफर-फॉर-सेल (OFS) प्रकृति का होगा। इसका अर्थ है कि इसमें नए शेयर जारी नहीं किए जाएंगे, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। सूत्रों के अनुसार, NSE में लगभग 4-4.5 प्रतिशत तक की हिस्सेदारी OFS के माध्यम से बेची जा सकती है। अनलिस्टेड मार्केट में वर्तमान कीमतों के आधार पर, इस सार्वजनिक लिस्टिंग से लगभग 2.5 बिलियन डॉलर या भारतीय मुद्रा में लगभग 22,700 करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह एक बड़ा कदम है जो भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों के लिए नए अवसर खोलेगा। NSE के शेयर वर्तमान में अनलिस्टेड या ग्रे मार्केट में ट्रेड हो रहे हैं, और पिछले कुछ महीनों से इनमें लगातार तेजी देखी जा रही है, जो लिस्टिंग के प्रति निवेशकों की उत्सुकता को दर्शाता है। यह दर्शाता है कि बाजार इस महत्वपूर्ण कदम के लिए पूरी तरह तैयार है।

