

Ola Electric Share: हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन, बुधवार को ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड के शेयर बाजार में एक मजबूत उछाल देखा गया। बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा कंपनी के सीईओ भाविश अग्रवाल के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगाए जाने के बाद, निवेशकों का भरोसा फिर से बढ़ा और शेयरों ने लगभग 5 प्रतिशत की बढ़त हासिल की। यह घटनाक्रम कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है, खासकर तब जब उसके शेयर पिछले कुछ समय से गिरावट का सामना कर रहे थे।
Ola Electric Share: बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले से आई चमक, शेयर में 5% की उछाल
Ola Electric Share: क्यों उछले कंपनी के शेयर?
इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेगमेंट की प्रमुख कंपनी ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों में बुधवार को 4.9 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे इसकी कीमत 29.35 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गई। यह 3 फरवरी के बाद एक दिन में हासिल की गई सबसे तेज बढ़त है, जो निवेशकों के लिए राहत लेकर आई है। इस उछाल का मुख्य कारण बॉम्बे हाई कोर्ट का वह फैसला है, जिसमें उसने कंपनी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) भाविश अग्रवाल के खिलाफ साउथ गोवा के डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर कमीशन द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगा दी है। कोर्ट के इस निर्णय के बाद शेयर बाजार में ओला इलेक्ट्रिक के शेयर खरीदने की होड़ सी मच गई, जिससे कंपनी के स्टॉक में तेजी आई। यह खबर आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, आज शेयरों में आई इस तेजी से ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों में बीते चार दिन से चली आ रही गिरावट का सिलसिला टूट गया है। यह वर्तमान में अपने औसत 30-दिन के ट्रेडिंग वॉल्यूम के 2.8 गुना पर ट्रेड कर रहा है, जो बाजार में इसकी बढ़ती सक्रियता को दर्शाता है। बीते 17 फरवरी को ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों ने 27.36 रुपये के अपने ऑल-टाइम लो लेवल को छुआ था, जिसके बाद यह अब रिकवरी मोड में दिख रहा है। 12800.23 करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली यह कंपनी अपने 76 रुपये के इश्यू प्राइस से लगभग 60 परसेंट नीचे ट्रेड कर रही है। हालांकि, अगस्त 2024 में शेयरों ने 157.40 रुपये का अपना ऑल-टाइम हाई लेवल बनाया था, जिसके लिहाज से इसमें अभी लगभग 80 परसेंट की गिरावट है। जनवरी से अब तक ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों में 20 परसेंट तक की गिरावट दर्ज की गई है, जो अब थमती नजर आ रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें: रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें
## सीईओ की गिरफ्तारी वारंट का मामला क्या है?
ओला इलेक्ट्रिक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बॉम्बे हाई कोर्ट ने साउथ गोवा के डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर कमीशन द्वारा कंपनी के मालिक भाविश अग्रवाल के खिलाफ जारी वारंट पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने यह भी पाया कि कमीशन ने वारंट जारी करते समय कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट के तहत अपने अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन किया था। यह मामला प्रितेश चंद्र घड़ी की एक शिकायत पर आधारित था, जिसमें उन्होंने मरम्मत के बाद भी अपने ओला एस 1 के सेकेंड जेनरेशन के स्कूटर में दिक्कतें बने रहने की बात कही थी। शिकायतकर्ता ने 1.47 लाख रुपये वापस किए जाने के साथ मानसिक उत्पीड़न के लिए अतिरिक्त 50000 रुपये की भी मांग की थी। इस मामले पर कोर्ट का फैसला कंपनी के लिए एक बड़ी राहत बनकर आया है, जिससे निवेशकों का भरोसा वापस लौटा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


