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मार्च, 4, 2026
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ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी 10,000 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में

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नई दिल्ली: ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी (Swiggy) ने अपने विस्तार और परिचालन को मजबूत करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई है. कंपनी इस फंड को क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के माध्यम से जुटाएगी. माना जा रहा है कि स्विगी अगले सप्ताह तक संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) से यह बड़ी राशि, जो कि लगभग 1.1 बिलियन डॉलर के बराबर है, जुटा सकती है.

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सूत्रों के अनुसार, इस वित्तीय सौदे को अंजाम देने के लिए स्विगी ने तीन प्रमुख बैंकों को शॉर्टलिस्ट किया है. इनमें सिटीग्रुप इंक. (Citigroup Inc.) और जेपी मॉर्गन चेस एंड कंपनी (JPMorgan Chase & Co.) की भारतीय इकाइयां शामिल हैं, साथ ही कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी (Kotak Mahindra Capital Company) भी इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. कंपनी के बोर्ड ने 7 नवंबर को ही QIP के जरिए 10,000 करोड़ रुपये तक की धनराशि जुटाने की मंजूरी दे दी थी. हालांकि, इस योजना को अंतिम रूप देने के लिए शेयरधारकों और नियामक संस्थाओं से मंजूरी मिलना अभी बाकी है. यह भी संभव है कि सौदे का समय और राशि दोनों में बदलाव हो सकता है.

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वित्तीय प्रदर्शन पर एक नजर

वित्तीय वर्ष 2025 की सितंबर तिमाही में स्विगी को 1,092 करोड़ रुपये का घाटा हुआ, जो पिछले साल की इसी अवधि में हुए 626 करोड़ रुपये के घाटे से काफी अधिक है. इसके बावजूद, कंपनी के परिचालन राजस्व (Operational Revenue) में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई. इस तिमाही में कंपनी का राजस्व पिछले साल की समान अवधि के 3,601 करोड़ रुपये से बढ़कर 5,561 करोड़ रुपये तक पहुंच गया.

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यह भी पढ़ें:  क्रूड ऑयल संकट: भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर कितना असर?

रैपिडो में हिस्सेदारी की बिक्री

इसी बीच, सितंबर महीने में स्विगी ने बाइक-टैक्सी सेवा प्रदाता रैपिडो (Rapido) में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच दी. यह सौदा लगभग 2,400 करोड़ रुपये में संपन्न हुआ. इस बिक्री ने कंपनी की वित्तीय स्थिति को काफी हद तक मजबूत किया है. तीन साल पहले, अप्रैल 2022 में, स्विगी ने रैपिडो में लगभग 1,000 करोड़ रुपये का निवेश कर 12 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी थी. हाल ही में नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज (Nuvama Institutional Equities) की एक रिपोर्ट के अनुसार, रैपिडो में हिस्सेदारी की बिक्री से प्राप्त लगभग 7,000 करोड़ रुपये नकद ने स्विगी की वित्तीय स्थिति को और सुदृढ़ किया है.

प्रतिस्पर्धा में बढ़त की तैयारी

स्विगी की यह कदम खाद्य-टेक क्षेत्र की एक अन्य बड़ी कंपनी जोमैटो (Zomato) के नक्शेकदम पर चलने जैसा है. जोमैटो ने पिछले साल क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट के जरिए 8,500 करोड़ रुपये जुटाए थे, जिसका मुख्य उद्देश्य अपने नकद भंडार को बढ़ाना था. स्विगी द्वारा इसी तरह के फंड जुटाने की योजना से दोनों कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा के और तेज होने की उम्मीद है.

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