IPO: हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी ओयो की पैरेंट कंपनी प्रिज्म (PRISM) एक बार फिर अपने बहुप्रतीक्षित आईपीओ के साथ पूंजी बाजार में दस्तक देने की तैयारी में है। पहले ओयो की पैरेंट कंपनी ओरेवल स्टेज़ (Oravel Stays) के नाम से जानी जाती थी, जिसने अब सेबी (SEBI) के पास गोपनीय तरीके से अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) प्री-फाइल कर दिया है। इस कदम से कंपनी के शेयर बाजार में लिस्ट होने की राह और भी साफ हो गई है।
# ओयो आईपीओ: ओयो की पेरेंट कंपनी PRISM फिर से IPO लाने को तैयार, जानें क्या है पूरी तैयारी!
हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र की अग्रणी कंपनी ओयो की पेरेंट कंपनी प्रिज्म (PRISM) ने भारतीय पूंजी बाजार नियामक सेबी के पास गोपनीय तरीके से अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर दिया है। यह कदम संकेत देता है कि कंपनी जल्द ही अपना बहुप्रतीक्षित आईपीओ लॉन्च करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। प्रिज्म, जो पहले ओरेवल स्टेज़ (Oravel Stays) के नाम से जानी जाती थी, अब स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टिंग की तैयारी में है।
जेप्टो (Zepto), फोनपे (PhonePe), फिजिक्सवाला (PhysicsWallah), टाटा कैपिटल (Tata Capital), मीशो (Meesho), ग्रो (Groww), बोएट (boAt) और शिपराॅकेट (Shiprocket) जैसी कंपनियों के बाद, प्रिज्म 19वीं ऐसी कंपनी है जिसने अपने शेयरों को सूचीबद्ध कराने के लिए गोपनीय प्री-फाइलिंग तंत्र का उपयोग किया है। यह एक ऐसा तंत्र है जो कंपनियों को बाजार की अस्थिरता से बचने और अपनी योजनाओं को गोपनीय रखने में मदद करता है।
## ओयो IPO की राह हुई साफ
प्रिज्म का लक्ष्य इस आईपीओ के जरिए लगभग 6,650 करोड़ रुपये जुटाना है। कंपनी की योजना लगभग 7 से 8 अरब डॉलर (लगभग 70 रुपये प्रति शेयर) के मूल्यांकन पर नजर गड़ाए हुए है। शेयरधारकों ने 20 दिसंबर, 2025 को हुई एक असाधारण आम बैठक (Extraordinary General Meeting) में कंपनी की फंड जुटाने की योजना को मंजूरी दे दी थी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। ओयो के फाउंडर रितेश अग्रवाल ने इस साल जून में फॉर्च्यून इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि कंपनी एक स्वतंत्र बोर्ड, मजबूत गवर्नेंस और उच्च गुणवत्ता वाली कमाई के साथ आईपीओ के लिए तैयार रहने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने यह भी कहा था कि जब ये नींव मजबूती से बन जाएंगी, तो पब्लिक ऑफरिंग पर अंतिम निर्णय ओयो का बोर्ड लेगा।
सूत्रों के मुताबिक, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज (ICICI Securities), एक्सिस कैपिटल (Axis Capital), गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) और सिटीबैंक (Citibank) इस इश्यू के लिए बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। हाल ही में सिंडिकेट में और भी बैंक जोड़े गए हैं, जिससे आईपीओ की प्रक्रिया को मजबूती मिल रही है।
## पहले की कोशिशें और बाधाएं
प्रिज्म ने इससे पहले भी दो बार आईपीओ लाने की कोशिश की थी। पहली बार कंपनी ने साल 2021 में आईपीओ के लिए आवेदन किया था, लेकिन उस समय कोविड-19 महामारी और रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण वैश्विक बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के चलते यह योजना स्थगित करनी पड़ी।
इसके बाद, 2023 में कंपनी ने बाजार नियामक सेबी के पास एक संशोधित ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जमा किया था। कंपनी का इरादा उसी साल आईपीओ लाने का था, लेकिन परिस्थितियां अनुकूल नहीं रहीं और कंपनी ने अंततः 17 मई, 2024 को अपना आईपीओ आवेदन वापस ले लिया। बाद में खबरें सामने आईं कि ओयो अक्टूबर 2025 तक बाजार में डेब्यू करने की सोच रहा था, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ के ऐलान के बाद एक बार फिर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया, जिसके कारण इसमें और देरी हुई। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें https://deshajtimes.com/news/business/। इन सभी बाधाओं के बावजूद, कंपनी अब पूरी तैयारी के साथ पूंजी बाजार में अपनी किस्मत आजमाने को तैयार दिख रही है।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




