
नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आम आदमी को बड़ी राहत देते हुए बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) खातों में कई बड़े बदलावों की घोषणा की है। इन नए नियमों के तहत, अब ग्राहकों को अनलिमिटेड डिपॉजिट की सुविधा मिलेगी। साथ ही, उन्हें बिना किसी रिन्यूअल फीस के फ्री एटीएम या डेबिट कार्ड इस्तेमाल करने की सुविधा भी मिलेगी। इसके अलावा, हर साल कम से कम 25 पेज की फ्री चेकबुक, इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग की सुविधा, और पासबुक या मंथली स्टेटमेंट भी बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध होंगे। RBI ने बैंकों को इन बदलावों को लागू करने के लिए 7 दिन का समय दिया है।
फ्री ट्रांजैक्शन की नई सीमानए नियमों के अनुसार, बैंकों को अब हर महीने कम से कम चार फ्री विड्रॉल की अनुमति देनी होगी। इस सीमा में ग्राहकों के अपने एटीएम और अन्य बैंकों के एटीएम से किए गए ट्रांजैक्शन शामिल होंगे। राहत की बात यह है कि UPI, IMPS, NEFT, और RTGS जैसे डिजिटल पेमेंट ट्रांजैक्शन को इस चार बार की फ्री विड्रॉल लिमिट में नहीं गिना जाएगा। इसका सीधा मतलब है कि इन डिजिटल माध्यमों से किए गए लेन-देन के लिए ग्राहकों से अलग से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
वर्तमान में BSBD अकाउंट रखने वाले ग्राहक इन नई सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए रिक्वेस्ट कर सकते हैं। वहीं, रेगुलर सेविंग्स अकाउंट वाले ग्राहक भी अपने खाते को BSBD खाते में बदलवा सकते हैं, बशर्ते उनका किसी अन्य बैंक में पहले से कोई खाता न हो।
कब से लागू होंगे नए नियम?यह महत्वपूर्ण बदलाव 1 अप्रैल, 2026 से लागू होंगे। हालांकि, बैंकों के पास यह विकल्प होगा कि वे इन नियमों को अपनी सुविधानुसार पहले भी लागू कर सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक ने अपने रिस्पॉन्सिबल बिजनेस कंडक्ट डायरेक्शन्स, 2025 को अपडेट करते हुए यह नई गाइडलाइंस जारी की हैं। आधिकारिक तौर पर, यह अपडेट बैंकों द्वारा पेश किए जाने वाले बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉज़िट (BSBD) खातों के फ्रेमवर्क को बदल देगा।






