
मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिवसीय समीक्षा बैठक आज, 3 दिसंबर से शुरू हो गई है. यह बैठक 5 दिसंबर तक चलेगी, जिसमें रेपो रेट पर महत्वपूर्ण निर्णय लिया जाएगा. आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में हो रही इस बैठक के नतीजों का देश की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ेगा.
आरबीआई की एमपीसी आज से शुरू हुई बैठक में रेपो रेट को लेकर फैसला लेगी, जिसकी घोषणा 5 दिसंबर को की जाएगी. इस बैठक पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं, क्योंकि रेपो रेट में कोई भी बदलाव सीधे तौर पर लोन की ईएमआई और निवेश को प्रभावित करता है.
रेपो रेट में कटौती की उम्मीदें धूमिल?
जहां कुछ समय पहले तक यह अनुमान लगाया जा रहा था कि आरबीआई रेपो रेट में 25 आधार अंकों की कटौती कर सकता है, वहीं मौजूदा आर्थिक परिदृश्य को देखते हुए अब इस उम्मीद को झटका लगता दिख रहा है. एसबीआई रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई-सितंबर तिमाही में जीडीपी ग्रोथ के मजबूत रहने और वर्तमान आर्थिक स्थिति को देखते हुए रेपो रेट में किसी बदलाव की संभावना कम नजर आ रही है.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दुनिया की कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं भी अपने रेपो रेट को स्थिर बनाए हुए हैं, जिससे भारत पर भी यथास्थिति बनाए रखने का दबाव हो सकता है.
मुद्रास्फीति में गिरावट से उम्मीदें जीवित
हालांकि, क्रेडिट रेटिंग एजेंसी CareEdge की एक रिपोर्ट कुछ अलग संकेत दे रही है. इस रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर महीने में देश की मुद्रास्फीति (Inflation) दस साल के निचले स्तर 0.3 प्रतिशत पर आ गई है, जो आरबीआई के 4 प्रतिशत के लक्ष्य से काफी कम है. मुद्रास्फीति में आई इस भारी गिरावट को देखते हुए यह उम्मीद जगी है कि आरबीआई ब्याज दरों में कटौती का फैसला ले सकता है.
CareEdge की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मुद्रास्फीति में आई कमी और मजबूत जीडीपी वृद्धि के संयोजन को देखते हुए, आरबीआई 0.25 फीसदी की रेपो रेट कटौती की घोषणा कर सकता है.
आगे क्या?
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली एमपीसी इन विपरीत संकेतों के बीच क्या निर्णय लेती है. क्या वे मौजूदा आर्थिक मजबूती को प्राथमिकता देंगे या मुद्रास्फीति में आई ऐतिहासिक गिरावट का फायदा उठाते हुए उपभोक्ताओं और व्यवसायों को राहत देने के लिए रेपो रेट में कटौती करेंगे. 5 दिसंबर को होने वाली घोषणा का इंतजार रहेगा.







