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मार्च, 5, 2026
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तांबे की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल: क्या है इस Copper Price वृद्धि के पीछे की वजह?

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Copper Price: वैश्विक बाजार में तांबे की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई हैं, जिसने धातु उद्योग और निवेशकों दोनों को चौंका दिया है। मंगलवार को तांबे की कीमत पहली बार $13,000 प्रति टन के आंकड़े को पार कर गई, जो इसकी सप्लाई में अनुमानित कमी, चिली की एक प्रमुख खदान में जारी हड़ताल और दुनिया भर के गोदामों में कम स्टॉक के कारण हुआ है। यह उछाल वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण संकेत दे रहा है, क्योंकि तांबा औद्योगिक विकास का एक महत्वपूर्ण बैरोमीटर माना जाता है।

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# तांबे की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल: क्या है इस Copper Price वृद्धि के पीछे की वजह?

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## वैश्विक बाजारों में Copper Price का नया रिकॉर्ड

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वैश्विक स्तर पर भी तांबे की कीमतें आसमान छू रही हैं। अमेरिका में कॉमेक्स तांबे की कीमतों में 4.6 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे यह रिकॉर्ड $5.9005 प्रति पाउंड या $13,008 प्रति टन के भाव पर पहुंच गया। इस ऐतिहासिक वृद्धि के पीछे लंदन मेटल एक्सचेंज (एलएमई) में तांबे के भंडार में आई भारी गिरावट एक बड़ी वजह है। एलएमई में तांबे का भंडार अगस्त के अंत की तुलना में 55 फीसदी घट गया है, और अब यह सिर्फ 142,550 टन रह गया है। यह दर्शाता है कि मांग के मुकाबले तांबे की उपलब्धता कितनी कम हो गई है। एलएमई सिस्टम से बाहर जाने वाला ज्यादातर तांबा अमेरिका भेजा गया है, जहां तांबे पर टैरिफ को लेकर अभी समीक्षा चल रही है। हालांकि, 1 अगस्त से तांबे के आयात पर इंपोर्ट ड्यूटी में छूट देने का फैसला लिया गया था, लेकिन इसके बावजूद आपूर्ति की चिंताएं बनी हुई हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

## चिली की खदान में हड़ताल और आपूर्ति पर असर

उत्तरी चिली में कैपस्टोन कॉपर की मंटोवर्दे कॉपर और सोने की खदान में चल रही हड़ताल ने कमोडिटी बाजार में व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। उनके अनुसार, इससे तांबे की वैश्विक सप्लाई और घटने का डर गहरा गया है। इस खदान से सालाना 29,000 से 32,000 मीट्रिक टन तांबा उत्पादन की उम्मीद थी। हालांकि, यह इस साल के कुल वैश्विक उत्पादन (करीब 24 मिलियन टन) का एक छोटा हिस्सा है, फिर भी ऐसी खबरें वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक और वास्तविक दबाव डालती हैं। यह घटनाक्रम दिखाता है कि कैसे स्थानीय मुद्दे भी वैश्विक स्तर पर कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

## भारत में तांबे की कीमतों का बढ़ता ग्राफ

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भारतीय कमोडिटी बाजार में भी तांबे की कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है। मंगलवार के कारोबारी दिन, दोपहर करीब 12:10 बजे मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 27 फरवरी 2026 के एक्सपायरी वाला तांबा 1350.05 रुपये पर कारोबार कर रहा था। तांबे ने दिन की शुरुआत 1338.25 रुपये पर की थी, जबकि इसके पिछले दिन तांबा 1331.75 रुपये पर कारोबार करते हुए बंद हुआ था। पिछले दिन की बंद कीमत से तांबे में करीब 18.30 रुपये की तेजी दर्ज की जा रही थी। ट्रेडिंग डे के दौरान तांबा 1355 रुपये के उच्च स्तर पर भी पहुंचा था, जो भारतीय बाजार में भी तांबे की बढ़ती मांग और सीमित आपूर्ति को दर्शाता है। निवेशकों और उद्योगपतियों के लिए यह जानना जरूरी है कि अंतरराष्ट्रीय रुझान का सीधा असर घरेलू कीमतों पर भी पड़ता है। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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