

Investment Advice: सोशल मीडिया पर निवेश संबंधी भ्रामक जानकारियों के बढ़ते जाल ने निवेशकों के लिए जोखिम पैदा कर दिया है। इसी खतरे को भांपते हुए, मार्केट रेगुलेटर भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एक बड़ा कदम उठाया है। हाल ही में सेबी ने 1.2 लाख से अधिक ऐसे पोस्ट को हटाने का निर्देश दिया है, जो अनरजिस्टर्ड ‘फिनफ्लुएंसर्स’ द्वारा शेयर बाजार और निवेश से जुड़ी गलत सूचनाएं फैलाने के लिए डाले गए थे। यह कार्रवाई उन सभी के लिए एक कड़ा संदेश है जो बिना पंजीकरण के वित्तीय सलाह दे रहे हैं।
सोशल मीडिया पर भ्रामक निवेश सलाह: सेबी की बड़ी कार्रवाई, 1.2 लाख पोस्ट हटाए गए
सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने इस मामले पर प्रकाश डालते हुए कहा कि निवेश सलाह देना एक अत्यंत गंभीर जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो व्यक्ति बिना सेबी पंजीकरण के निवेश की सलाह दे रहे हैं, वे स्पष्ट रूप से नियमों की अवहेलना कर रहे हैं। चेयरमैन पांडे ने जोर देकर कहा कि किसी भी प्रकार की वित्तीय या निवेश सलाह देने के लिए सेबी के साथ पंजीकृत होना अनिवार्य है। इस पंजीकरण प्रक्रिया में कुछ निश्चित नियमों का पालन करना होता है, जो ‘क्या करें और क्या न करें’ की स्पष्ट जानकारी प्रदान करते हैं, ताकि निवेशकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। ऐसे अनधिकृत ‘फिनफ्लुएंसरों’ पर नियंत्रण पाना सेबी की प्राथमिकता है। यह महत्वपूर्ण जानकारी आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने यह भी बताया कि सेबी इन गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर रहा है।
निवेश सलाह के नाम पर धोखाधड़ी: सेबी का शिकंजा
चेयरमैन पांडे ने आगे बताया कि जब कोई व्यक्ति निवेश के नाम पर झूठे वादे करता है, गारंटीड रिटर्न का लालच देता है, या ऐसी सलाह देता है जिससे आम निवेशकों को भारी नुकसान हो सकता है, तो ऐसे गंभीर हालातों में सेबी तुरंत हस्तक्षेप करता है और सख्त कार्रवाई करता है। ऐसे मामलों में संबंधित डिजिटल सामग्री को तुरंत हटवाया जाता है। इसी व्यापक अभियान के तहत 1.2 लाख से अधिक भ्रामक पोस्ट को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाया गया है। इस पूरी प्रक्रिया में, प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी सेबी के साथ सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं, जो डिजिटल स्पेस में निवेशकों की सुरक्षा के लिए एक एकीकृत प्रयास को दर्शाता है। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/business/
‘सुदर्शन’ एआई: डिजिटल निगरानी का नया हथियार
सेबी ने बाजार से जुड़े डिजिटल कंटेंट की प्रभावी निगरानी के लिए ‘सुदर्शन’ नामक एक अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) टूल विकसित किया है। चेयरमैन के अनुसार, यह शक्तिशाली टूल विभिन्न भाषाओं में अपलोड किए गए ऑडियो, वीडियो और लिखित सामग्री का पता लगाने में सक्षम है। यह न केवल सामग्री की पहचान करता है बल्कि यह भी विश्लेषण करता है कि कहीं नियमों का उल्लंघन तो नहीं हो रहा है। यह प्रणाली डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तेजी से फैलने वाली सूचनाओं पर लगातार नजर रखने और अनधिकृत वित्तीय सलाह को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह सेबी की तकनीकी दक्षता और निवेशकों की सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





