
नई दिल्ली: शेयर बाजार में रिकॉर्ड ऊंचाई के बावजूद, अधिकांश खुदरा और एचएनआई निवेशकों के पोर्टफोलियो में हरे निशान का अभाव दिख रहा है। पिछले एक साल में, निफ्टी के 750 में से 464 स्टॉक गिरावट में रहे हैं, और कई स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों ने बीस प्रतिशत से अधिक का नकारात्मक रिटर्न दिया है।
बड़े शेयरों ने संभाली बाजार की चाल
इसकी तुलना में, मजबूत नकदी प्रवाह, विदेशी खरीदारों की सक्रियता और मजबूत बैलेंस शीट के कारण बड़ी कंपनियों (लार्ज कैप) ने सूचकांकों को संभाले रखा है। खुदरा निवेशकों का अधिकांश निवेश स्मॉल और मिडकैप सेगमेंट में है, जहां मार्जिन दबाव, मूल्यांकन में अंतर और कमजोर आय ने नुकसान को बढ़ाया है। यही कारण है कि व्यापक बाजार में तेजी के बावजूद, कई निवेशकों के पोर्टफोलियो में गिरावट देखी जा रही है।
आगे क्या? संभावनाएं और चुनौतियां
हालांकि, भविष्य में जीएसटी दरों में कटौती, बुनियादी ढांचे के विकास और खपत में सुधार से स्मॉलकैप शेयरों में भी मजबूती आने की उम्मीद है। यह स्थिति दर्शाती है कि जहां एक ओर सूचकांक ऊपर जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर व्यक्तिगत पोर्टफोलियो नीचे जा रहे हैं। ऐसे माहौल में, अनुशासित और फंडामेंटल-आधारित स्टॉक चयन का महत्व और भी बढ़ जाता है।
निवेशकों के लिए सलाह
- बाजार के रुझानों को समझें।
- स्मॉल और मिडकैप में निवेश से पहले अच्छी तरह शोध करें।
- अनुशासित निवेश रणनीति अपनाएं।
- फंडामेंटल रूप से मजबूत कंपनियों पर ध्यान केंद्रित करें।
यह वीडियो इस बात की पड़ताल करता है कि सूचकांक क्यों बढ़ रहे हैं, आपका पोर्टफोलियो क्यों गिर रहा है, और ऐसे माहौल में अनुशासित, फंडामेंटल-आधारित स्टॉक चयन क्यों महत्वपूर्ण है।







