
देश भर में हवाई यात्रा करने वालों के लिए बड़ी खबर! इंडिगो की लगातार रद्द होती उड़ानों ने यात्रियों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं. लेकिन इस संकट के बीच एक एयरलाइन को मिला है बड़ा मौका, जिसने न सिर्फ अपने शेयरहोल्डर्स को मालामाल किया है, बल्कि हजारों यात्रियों के लिए भी राहत की उम्मीद जगाई है. जानिए कैसे सरकार के एक फैसले ने बदल दी हवाई सेवा की तस्वीर…
पिछले नौ दिनों से इंडिगो एयरलाइंस में जारी संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है. देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो द्वारा लगातार बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द किए जाने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है और एयरलाइन के परिचालन में 10 प्रतिशत की कटौती करने का आदेश जारी किया है. इसका सीधा अर्थ है कि इंडिगो अब अपने निर्धारित विंटर शेड्यूल के अनुसार पूरी क्षमता से उड़ानें संचालित नहीं कर पाएगी.
संकट में इंडिगो, स्पाइसजेट को फायदा
इंडिगो के संकट से उत्पन्न हुई हवाई यात्रा की बढ़ी हुई मांग और यात्रियों की मुश्किलों को देखते हुए स्पाइसजेट ने एक बड़ा कदम उठाया है. स्पाइसजेट ने घोषणा की है कि वह सर्दियों के दौरान रोजाना 100 अतिरिक्त उड़ानें शुरू करने के लिए तैयार है. हालांकि, एयरलाइन ने स्पष्ट किया है कि यह विस्तार केवल नियामकीय स्वीकृति मिलने के बाद ही संभव होगा. प्रमुख रूट्स पर बढ़ती मांग को देखते हुए यह फैसला लिया गया है.
इंडिगो के परिचालन में कटौती के ठीक बाद स्पाइसजेट के शेयरों में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला है. 10 दिसंबर को कंपनी के शेयर करीब 5 प्रतिशत तक चढ़कर 36 रुपये तक पहुंच गए. कुछ ही कारोबारी सत्रों में इसके शेयरों में कुल 19 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इस उछाल से निवेशकों में खासा उत्साह है.
पायलटों की कमी बनी वजह
इंडिगो की मुश्किलें पायलटों की कमी के चलते पैदा हुई हैं, जिसके कारण उसे लगभग 5,000 उड़ानों को रद्द करना पड़ा है. इस गंभीर स्थिति के चलते इंडिगो पर नियामकीय कार्रवाई की तलवार लटक गई थी. स्थिति इतनी बदतर हो गई थी कि सरकार को इसकी विंटर फ्लाइट शेड्यूल में भी कटौती करनी पड़ी और लगभग 100 उड़ानों को अन्य एयरलाइंस द्वारा संचालित करने की अनुमति दी गई.
घरेलू विमानन बाजार में इंडिगो की लगभग दो-तिहाई हिस्सेदारी है, ऐसे में उसके परिचालन में अचानक आई बाधा का भारतीय नागरिक उड्डयन प्रणाली पर व्यापक प्रभाव पड़ा है. एयरलाइन का ऑन-टाइम परफॉर्मेंस भी गिरकर मात्र 8.5 प्रतिशत रह गया, जिसके चलते दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद सहित कई प्रमुख हवाई अड्डों से बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द करनी पड़ीं.
डीजीसीए का हस्तक्षेप और यात्रियों की परेशानी
जब नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को यह साफ हो गया कि इंडिगो अपने साप्ताहिक आवंटित 15,014 उड़ानों को नियमित रूप से संचालित करने की स्थिति में नहीं है, तब उसके शेड्यूल में कटौती का कड़ा निर्णय लिया गया. इस अचानक हुए बदलाव से हजारों यात्रियों को अपनी यात्रा योजनाओं के रद्द होने, देरी और वैकल्पिक उड़ानें खोजने में काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ा है.
ऐसे माहौल में स्पाइसजेट की ओर से उड़ानों में वृद्धि की पेशकश यात्रियों के लिए बड़ी राहत का सबब बन सकती है. विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्पाइसजेट को नियामकीय मंजूरी मिल जाती है, तो वह इंडिगो संकट के चलते पैदा हुई उड़ानों की कमी को काफी हद तक पूरा कर पाएगी, जिससे घरेलू हवाई सेवाओं में स्थिरता वापस लाने में मदद मिलेगी.




