
दिल्ली/मुंबई से खबर है कि अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की आगामी घोषणा ने भारतीय शेयर बाजार में भूचाल ला दिया है। लगातार दूसरे दिन भी बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी रहा, जिससे निवेशकों की धड़कनें तेज हो गईं। क्या यह सिर्फ एक शुरुआती झटके का संकेत है या आगे और बड़े उतार-चढ़ाव की तैयारी? आइए जानते हैं क्या कहते हैं बाजार के आंकड़े और विशेषज्ञ।
मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार भारी दबाव में बंद हुए। बैंकिंग और तेल कंपनियों के शेयरों में हुई मुनाफावसूली ने बाजार पर अतिरिक्त बोझ डाला। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 436 अंकों की भारी गिरावट के साथ 84,666.28 के स्तर पर आ गया, जो लगभग दो सप्ताह का निचला स्तर है। कारोबार के दौरान एक समय सेंसेक्स 719 अंक तक टूट गया था। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी कमजोर रहा और यह 120.90 अंक गिरकर 25,839.65 पर बंद हुआ। शुरुआती कारोबार में निफ्टी 25,728 के निचले स्तर तक फिसल गया था।
बाजार में भारी गिरावट की वजहें
बाजार में इस तेज गिरावट का मुख्य कारण अमेरिकी फेडरल रिज़र्व द्वारा नीतिगत दरों पर आने वाली घोषणा से पहले निवेशकों का सतर्क रुख अपनाना रहा। इसके साथ ही कई अन्य कारण भी इस दबाव में शामिल रहे:
- मुनाफावसूली: बैंकिंग और तेल कंपनियों के शेयरों में निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की।
- रुपये में कमजोरी: भारतीय रुपये की कमजोरी ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
- विदेशी निवेशकों की बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) द्वारा लगातार बिकवाली जारी रही।
- अमेरिका-भारत व्यापार समझौते की अनिश्चितता: दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता ने भी बाजार पर नकारात्मक असर डाला।
- आईटी शेयरों का दबाव: आईटी सेक्टर के शेयरों में भी भारी गिरावट देखने को मिली।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि बाजार फेडरल रिज़र्व की घोषणा से पहले बेहद सतर्क है। रुपये की कमजोरी और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने माहौल को और खराब कर दिया है।
किन शेयरों में दिखा उतार-चढ़ाव?
मंगलवार के कारोबार में कई प्रमुख शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली, जबकि कुछ ने मजबूती दर्ज की:
गिरावट वाले प्रमुख शेयर:
- एशियन पेंट्स
- टेक महिंद्रा
- एचसीएल टेक्नोलॉजीज
- टाटा स्टील
- मारुति सुजुकी
- सन फार्मा
- टीसीएस
- आईसीआईसीआई बैंक
- बजाज फाइनेंस
- अल्ट्राटेक सीमेंट
- महिंद्रा एंड महिंद्रा
- टाटा मोटर्स
बढ़त वाले प्रमुख शेयर:
- इटर्नल
- टाइटन
- अदाणी पोर्ट्स
- बीईएल
- एसबीआई
- बजाज फिनसर्व
- एनटीपीसी
- भारती एयरटेल
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो आईटी सेक्टर सबसे ज्यादा 1.18% टूटा। टेक्नोलॉजी और ऑटो सेक्टर में भी क्रमशः 0.72% और 0.63% की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर इसका असर कम दिखा। बीएसई मिडकैप सूचकांक 0.60% बढ़ा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स ने 1.27% की मज़बूत बढ़त हासिल की। पीएसयू बैंक, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे सेक्टरों ने भी मजबूती दिखाई।
वैश्विक बाजारों का हाल और विदेशी निवेश
भारतीय बाजार के साथ-साथ एशियाई बाजारों के संकेत भी कमजोर रहे। हांगकांग, चीन और दक्षिण कोरिया के बाजार गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि जापान का निक्की लाभ में रहा। यूरोपीय बाजारों में शुरुआती मजबूती दिखी, लेकिन अमेरिकी बाजार सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे, जिसका असर वैश्विक धारणा पर भी पड़ा।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने सोमवार को 655.59 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जो बाजार पर दबाव का एक और कारण बना। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 2,542.49 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को कुछ हद तक सहारा देने की कोशिश की। वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में भी मामूली गिरावट आई; ब्रेंट क्रूड 0.27% गिरकर 62.33 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।








