
Stock Market: मिडिल ईस्ट में बढ़ती भू-राजनीतिक अस्थिरता ने भारतीय शेयर बाजार में भूचाल ला दिया है। निवेशकों की चिंताएं बढ़ीं और हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन घरेलू बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे अरबों रुपये की संपत्ति स्वाहा हो गई।
शेयर बाजार में हाहाकार: मध्य-पूर्व तनाव से बाजार 2500 अंक लुढ़का, निफ्टी 23,100 के नीचे
बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स लगभग 2500 अंकों की भारी गिरावट के साथ बंद हुआ, वहीं एनएसई का निफ्टी 50 भी 23,100 अंक के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। इस अप्रत्याशित गिरावट ने निवेशकों को हिलाकर रख दिया है। बाजार की इस सुनामी में बैंकिंग सेक्टर को भी खासा नुकसान झेलना पड़ा। देश के प्रमुख निजी बैंक एचडीएफसी बैंक के शेयरों में करीब 5 प्रतिशत की बड़ी कमजोरी दर्ज की गई, जिसने बाजार पर और दबाव बढ़ाया। वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों का सीधा असर घरेलू अर्थव्यवस्था और निवेश धारणा पर स्पष्ट रूप से दिख रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
घरेलू शेयर बाजार पर मध्य-पूर्व संकट का साया
विश्लेषकों का मानना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों पर तनाव ने निवेशकों को जोखिम वाले एसेट्स से दूर रहने पर मजबूर किया है। ऐसे में भारतीय सेंसेक्स में विदेशी निवेश का प्रवाह भी प्रभावित हो सकता है, जिससे आने वाले दिनों में भी अस्थिरता बरकरार रहने की आशंका है।
बैंकों पर गहराता दबाव
विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक मध्य-पूर्व में स्थिति शांत नहीं होती, तब तक वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बनी रहेगी, जिसका सीधा असर भारत पर भी पड़ेगा। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे सावधानी बरतें और बाजार की चाल पर पैनी नजर रखें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें।



