

Telecom Stock: भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में हलचल तेज है, जहां कंपनियों को सरकार की प्रोत्साहन योजनाओं का बड़ा फायदा मिल रहा है। हाल ही में, टाटा ग्रुप की एक प्रमुख इकाई को उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (PLI) के तहत बड़ी राशि प्राप्त हुई है, जिसके बाद उसके शेयर मूल्य में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। यह घटनाक्रम दिखाता है कि कैसे सरकारी नीतियां घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देकर कंपनियों को सशक्त कर रही हैं और बाजार में उत्साह भर रही हैं।
टाटा ग्रुप की कंपनी को PLI स्कीम का लाभ: Telecom Stock में उछाल
टेलीकॉम सेक्टर से जुड़ी दिग्गज कंपनी तेजस नेटवर्क्स लिमिटेड को PLI स्कीम के तहत लगभग 70 करोड़ रुपये मिले हैं, जिसके बाद कंपनी के शेयरों में गुरुवार को तेजी देखी गई। 6000 करोड़ रुपये से अधिक के मार्केट कैप वाली इस कंपनी के शेयर कारोबार के दौरान 343 रुपये के इंट्राडे हाई पर पहुंच गए, जो पिछले बंद भाव 336 रुपये से 2 प्रतिशत अधिक है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह वित्तीय सहायता ऐसे समय में मिली है जब भारत 5G और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर जोर दे रहा है, जिससे तेजस नेटवर्क्स जैसी कंपनियों को सीधे लाभ मिल रहा है।
Telecom Stock पर PLI स्कीम का असर
नेटवर्किंग और ब्रॉडबैंड इक्विपमेंट बनाने और सप्लाई करने वाली तेजस नेटवर्क्स लिमिटेड ने स्टॉक एक्सचेंज को बताया कि उसे टेलीकॉम और नेटवर्किंग प्रोडक्ट्स के लिए PLI स्कीम के तहत संचार मंत्रालय से लगभग 70 करोड़ रुपये मिले हैं। यह वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए पात्र प्रोत्साहन की अंतिम किश्त है। इससे पहले, कारोबारी साल की तीसरी तिमाही में कंपनी को PLI पेआउट की पहली किस्त के तौर पर लगभग 85 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। कुल मिलाकर, इस स्कीम के तहत कंपनी को पिछले साल 397 करोड़ रुपये मिले, जिससे कंपनी की लिक्विडिटी काफी मजबूत हुई, कैश फ्लो में सुधार हुआ और स्कीम की तय गाइडलाइंस के हिसाब से ऑपरेशनल मोमेंटम को सपोर्ट मिला। इस राशि का सीधा लाभ कंपनी के विकास और विस्तार योजनाओं को मिलेगा।
कारोबारी साल 2025-26 की तीसरी तिमाही में कंपनी का टोटल ऑर्डर बुक 1300 करोड़ रुपये से ज्यादा है, जिसमें से 92 प्रतिशत भारत से और 8 प्रतिशत इंटरनेशनल मार्केट से हैं। कंपनी को इस दौरान मिले रेवेन्यू में भी घरेलू ऑपरेशन का हिस्सा 85 प्रतिशत है, जबकि इंटरनेशनल मार्केट का हिस्सा बाकी 15 प्रतिशत है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। ऐसे में कंपनी स्कीम के तहत मिले इस फंड का इस्तेमाल अपने नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में करेगी ताकि देश के साथ-साथ विदेशों में भी इसके कारोबार को मजबूती मिले और कंपनी की मार्केट कंपीटिशन भी बढ़े। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें https://deshajtimes.com/news/business/।
वित्तीय प्रदर्शन और भविष्य की संभावनाएं
दिसंबर तिमाही में कंपनी को 197 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। हालांकि, यह गिरावट पिछले साल की समान तिमाही के 2,642 करोड़ रुपये के मुकाबले 88 प्रतिशत रही, जब रेवेन्यू 307 करोड़ रुपये था। सितंबर तिमाही के 262 करोड़ रुपये से इसमें 17 प्रतिशत की बढ़त हासिल हुई है। टाटा ग्रुप की यह कंपनी देश की एक बड़ी टेलीकॉम इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर है, जो ऑप्टिकल, वायरलेस, ब्रॉडबैंड और डेटा नेटवर्किंग प्रोडक्ट्स को डिजाइन और सप्लाई करने का काम करती है। कंपनी दुनिया भर में टेलीकॉम ऑपरेटर्स, एंटरप्राइजेज, यूटिलिटीज और सरकारों को सर्विसेज मुहैया कराती है और अलग-अलग मार्केट में 4G, 5G, फाइबर ब्रॉडबैंड और बड़े पैमाने पर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर डिप्लॉयमेंट को सपोर्ट करती है। यह निरंतर नवाचार और विकास के साथ अपनी स्थिति मजबूत कर रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




