
बाजार में बुधवार, 10 दिसंबर को एक बड़ी हलचल देखने को मिली। भारत की सबसे बड़ी और दुनिया की अग्रणी रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों में से एक अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) में अचानक एक बड़े ब्लॉक डील से निवेशकों की सांसें थम गईं। करीब 2,400 करोड़ रुपये की इस डील के पीछे कौन था और इसका अडानी ग्रीन के भविष्य पर क्या असर पड़ेगा, आइए विस्तार से जानते हैं।
बुधवार को हुए इस महत्वपूर्ण ब्लॉक डील में, खबर है कि फ्रांसीसी ऊर्जा कंपनी टोटल एनर्जीज (TotalEnergies) ने अडानी ग्रुप की इस कंपनी में अपनी हिस्सेदारी का 1.5 प्रतिशत तक हिस्सा बेच दिया है। यह बिक्री लगभग 2.47 करोड़ शेयरों के बराबर थी। इस डील का असर AGEL के शेयरों पर बाजार खुलने से पहले ही देखा गया, जिससे बाजार में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
ब्लॉक डील के लिए 970 रुपये प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस निर्धारित किया गया था। बाजार सूत्रों के अनुसार, जेफरीज को इस ब्लॉक डील का ब्रोकर बताया जा रहा है। गौरतलब है कि 30 सितंबर तक, टोटल एनर्जीज रिन्यूएबल्स इंडियन ओशन लिमिटेड के पास अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड में कुल 15.58 प्रतिशत की हिस्सेदारी थी।
अडानी ग्रीन एनर्जी: एक परिचय
अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) भारत की रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की एक प्रमुख कंपनी है, जिसकी नींव 2015 में रखी गई थी। आज यह कंपनी 16.6 गीगावाट से अधिक की ऑपरेशनल कैपेसिटी के साथ देश में सबसे बड़ी रिन्यूएबल एनर्जी उत्पादक बन गई है। कंपनी ने 2030 तक अपनी ऑपरेशनल कैपेसिटी को 50 गीगावाट तक पहुंचाने का ambitious लक्ष्य निर्धारित किया है, जो इसे वैश्विक स्तर पर एक बड़ी शक्ति के रूप में स्थापित करेगा।
टोटल एनर्जीज के साथ साझेदारी
अडानी ग्रीन एनर्जी और फ्रांसीसी ऊर्जा दिग्गज टोटल एनर्जीज के बीच साझेदारी 2020 से चली आ रही है। दोनों कंपनियां भारत में मिलकर सौर और ऑनशोर विंड प्रोजेक्ट्स विकसित कर रही हैं। यह साझेदारी AGEL23 नामक एक जॉइंट वेंचर के रूप में शुरू हुई थी, जो 2.3 गीगावाट के सौर प्रोजेक्ट्स के संचालन के लिए 50:50 की हिस्सेदारी पर आधारित है। यह ब्लॉक डील, हालांकि, टोटल एनर्जीज द्वारा अपनी हिस्सेदारी में कमी को दर्शाती है, लेकिन दोनों कंपनियों के बीच दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी बनी हुई है।









