Union Budget: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किए जाने के बाद से देशभर से लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज पर बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने अपनी राय व्यक्त करते हुए इसे ‘युवाओं की ग्रोथ’ को समर्पित बजट बताया है। विपक्ष की आलोचनाओं का जवाब देते हुए पाल ने दावा किया कि भारत ग्रोथ रेट के मामले में चीन और अमेरिका जैसे देशों को लगातार पीछे छोड़ रहा है। उन्होंने ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ को इस बजट का मूल मंत्र बताया।
# युवा शक्ति का सपना साकार करेगा Union Budget: जगदंबिका पाल ने की सराहना
भाजपा के वरिष्ठ नेता और डुमरियागंज से सांसद जगदंबिका पाल ने गोरखपुर एयरपोर्ट पर 1 फरवरी को बजट की सराहना की। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर सरकार अपने 9वें केंद्रीय बजट की उपलब्धियां गिना रही है, वहीं विपक्ष इसे लेकर सरकार को घेरने की कोशिश में लगा हुआ है।
## Union Budget 2026-27: विकास की गति को मिलेगा नया आयाम
पाल ने जोर देकर कहा कि यह बजट पूरी तरह से युवा शक्ति के सपनों को साकार करने वाला है। उन्होंने वित्त मंत्री के वक्तव्य का जिक्र करते हुए बताया कि बजट कर्तव्य भवन में तैयार हुआ है और इसकी तीन मुख्य प्राथमिकताएं हैं। पहली प्राथमिकता विकास की गति को और तेज करना और उसे बनाए रखना है। दूसरा, मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना है, जिसके तहत भारत को दुनिया का मेडिसिन और बायोफार्मा हब बनाने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। यह निवेश भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
बजट में देश की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए सात नए कॉरिडोर का प्रावधान किया गया है, जिनमें से उत्तर प्रदेश को दो अहम कॉरिडोर मिले हैं – पहला वाराणसी से सिलीगुड़ी और दूसरा दिल्ली से वाराणसी। सांसद पाल ने कहा कि एयरपोर्ट्स और हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के बढ़ते जाल से देश की गति निश्चित तौर पर और तेज होगी। उन्होंने पुनः ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ के मूल मंत्र को दोहराया, जो इस बजट का आधार है।
इस बजट में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में टीडीएस (TDS) के ग्राफ को कम करते हुए 2 प्रतिशत किया गया है, जो एक महत्वपूर्ण बदलाव है। उन्होंने बताया कि अब तक के बजट में रेवेन्यू एक्सपेंडीचर (राजस्व व्यय) ज्यादा होता था, लेकिन यह पहली बार है कि कैपिटल एक्सपेंडीचर (पूंजीगत व्यय) पर अधिक खर्च किया जा रहा है। देश की आजादी के बाद से अब तक इंफ्रास्ट्रक्चर पर कुल 12.2 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिसमें हाईवे, एयरपोर्ट, रेल और बुलेट ट्रेन परियोजनाएं शामिल हैं। आजादी के बाद यह बुनियादी ढांचे पर किया गया सबसे बड़ा खर्च है। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें
## उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए विशेष घोषणाएं
बजट में उत्तर प्रदेश और बिहार को क्या मिला, इस सवाल पर जगदंबिका पाल ने कई महत्वपूर्ण घोषणाओं का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि बौद्ध सर्किट के विकास, हाई-स्पीड कॉरिडोर, प्रत्येक जिले में महिला छात्रावासों की स्थापना और हर जिले में ट्रामा सेंटर व इमरजेंसी हॉस्पिटल की सुविधा प्रदान करने की योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पहले के समय में ऐसे दूरगामी फैसलों पर ध्यान नहीं दिया जाता था, लेकिन यह बजट दूरदर्शिता को दर्शाता है। विपक्ष, जिसमें अखिलेश यादव और ममता बनर्जी शामिल हैं, द्वारा बजट पर सरकार को घेरने के सवालों के जवाब में उन्होंने फिर दोहराया कि भारत ग्रोथ रेट में चीन और अमेरिका जैसे देशों से लगातार आगे निकल रहा है। यह बजट केवल संख्यात्मक आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था के भविष्य की नींव है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।







