Budget 2026
Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत यूनियन बजट 2026 सिर्फ एक वार्षिक वित्तीय ब्यौरा नहीं, बल्कि देश के भविष्य की दिशा तय करने वाला एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। यह बजट सरकार की प्राथमिकताओं और आने वाली नीतियों का स्पष्ट खाका खींचता है, जहां ग्रामीण भारत, गरीब परिवारों और किसानों से जुड़ी योजनाओं को विशेष महत्व दिया गया है। आंकड़ों पर गौर करें तो इस बार सरकार ने इन क्षेत्रों के लिए अपने खजाने का मुंह खोल दिया है, जिससे यह साफ होता है कि विकास की नई कहानी इन्हीं स्तंभों पर टिकी होगी। आइए, इस बजट में विभिन्न योजनाओं को मिले आवंटन का विस्तृत विश्लेषण करते हैं।
केंद्रीय Budget 2026: जानिए किन योजनाओं को मिला सबसे बड़ा बजट आवंटन
Budget 2026 में ग्रामीण और गरीब कल्याण पर जोर
सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजनाओं में से एक, आयुष्मान भारत योजना के लिए वित्त वर्ष 2025-26 में 9,406 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, जिसे वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बढ़ाकर 9,500 करोड़ रुपये कर दिया गया है। यह लगभग 1 प्रतिशत की मामूली वृद्धि दर्शाती है। वहीं, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पिछले साल की तरह इस बार भी 63,500 करोड़ रुपये ही आवंटित किए गए हैं, जिसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह बताता है कि सरकार किसानों को सीधे आर्थिक सहायता देने के अपने वादे पर कायम है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
गरीबों को मुफ्त अनाज सुनिश्चित करने वाली प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के बजट में पिछले साल के 2,03,000 करोड़ रुपये से भारी बढ़ोतरी की गई है, जिसे इस साल 2,27,429 करोड़ रुपये तक पहुंचाया गया है। यह लगभग 12 प्रतिशत की महत्वपूर्ण वृद्धि है, जो सरकार की गरीब-समर्थक नीतियों को उजागर करती है। इसी तरह, ग्रामीण रोजगार की रीढ़ मानी जाने वाली वीबी-जीराम (मनरेगा) के लिए भी पिछले साल के 86,000 करोड़ रुपये के बजट को बढ़ाकर 95,692 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जिसमें करीब 11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इन प्रमुख सरकारी योजनाएं के माध्यम से सरकार देश के बड़े वर्ग को सीधा लाभ पहुंचा रही है। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/business/
जन जीवन मिशन और समग्र शिक्षा का बदलता परिदृश्य
जल जीवन मिशन, जो हर घर नल से जल पहुंचाने के लक्ष्य पर काम कर रहा है, को वित्त वर्ष 2025-26 में 67,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। इस बार के बजट में इसे मामूली रूप से बढ़ाकर 67,670 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो लगभग 1 प्रतिशत की वृद्धि है। शिक्षा के क्षेत्र में, समग्र शिक्षा योजना को पिछले साल 41,250 करोड़ रुपये मिले थे, जिसे इस साल बढ़ाकर 42,100 करोड़ रुपये किया गया है, जो करीब 2 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। यह आंकड़े शिक्षा और स्वच्छ जल जैसी मूलभूत आवश्यकताओं पर सरकार के सतत ध्यान को दर्शाते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।







