

Stock Market: अमेरिकी बाजारों में भूचाल आ गया है। ट्रंप प्रशासन द्वारा प्रस्तावित नए टैरिफ के ऐलान के साथ ही वॉल स्ट्रीट में हाहाकार मच गया, जिससे निवेशकों में अनिश्चितता और घबराहट का माहौल बन गया है।
वॉल स्ट्रीट में भारी गिरावट: ट्रंप के नए टैरिफ से अमेरिकी Stock Market में कोहराम
वॉल स्ट्रीट में भारी गिरावट के बाद Dow Jones Industrial Average 824 अंक लुढ़क कर बंद हुआ, जिसने वैश्विक निवेशकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। Nasdaq Composite भी 326.07 अंक टूटकर 22,560.79 पर आ गया, जबकि S&P 500 में 79.72 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 6,829.79 के स्तर पर बंद हुआ। ये आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि बाजार में एक बड़ी बिकवाली देखने को मिली है।
अमेरिकी Stock Market में गिरावट की मुख्य वजहें
विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए 15 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ के ऐलान ने इस गिरावट में अहम भूमिका निभाई है। निवेशकों को आशंका है कि इन वैश्विक टैरिफ से आयातित वस्तुओं की कीमतें बढ़ेंगी, जिससे महंगाई और कॉर्पोरेट लागत पर सीधा दबाव आएगा। सुप्रीम कोर्ट ऑफ द यूनाइटेड स्टेट्स के एक फैसले के बाद बाजार में जो तेजी दिखी थी, ट्रंप के इस नए ऐलान ने उसे पूरी तरह से पलट दिया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
बाजार में इस अनिश्चितता के बीच निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख किया है। सोने की कीमतों में करीब 2 प्रतिशत का उछाल आया और यह 5,200 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया, जो जोखिम से बचाव की स्पष्ट मांग को दर्शाता है। वहीं, क्रिप्टोकरेंसी बाजार में Bitcoin भी लगभग 66,000 डॉलर के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जो दर्शाता है कि निवेशक अब सुरक्षित माने जाने वाले डिजिटल एसेट्स की ओर भी जा रहे हैं।
वैश्विक तनाव और कच्चे तेल का बढ़ता भाव
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अमेरिकी बाजार में आई ताजा गिरावट की एक और बड़ी वजह राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा 15 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ लगाने का ऐलान माना जा रहा है। ट्रंप ने दुनिया भर के देशों पर 15 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ लागू करने के लिए Trade Act of 1974 के सेक्शन 122 का इस्तेमाल किया है, जो एक गंभीर व्यापारिक तनाव की शुरुआत का संकेत हो सकता है।
इसके अलावा, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी आई है। West Texas Intermediate (WTI) 0.77 प्रतिशत चढ़कर 66.99 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है, जबकि Brent Crude 0.71 प्रतिशत बढ़कर 71.16 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। तेल की कीमतों में यह उछाल वैश्विक महंगाई की चिंता को और बढ़ा सकता है, जिससे आने वाले समय में भी शेयर बाजारों में अस्थिरता बनी रहने की आशंका है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
यह स्थिति निवेशकों के लिए चुनौतीपूर्ण है क्योंकि व्यापार युद्ध की आशंका और बढ़ती महंगाई वैश्विक अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक अनिश्चितता का माहौल बना रह सकता है और निवेशकों को बेहद सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



