Vodafone Idea Share: कर्ज के दलदल में फंसी टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। जब कंपनी के शेयरों में कुछ सुधार की उम्मीद जगी ही थी, तभी एक और बड़ा झटका लग गया है। अहमदाबाद जीएसटी कमिश्नर के कार्यालय से कंपनी को 637 करोड़ रुपये का जीएसटी पेनल्टी ऑर्डर मिला है, जिसने निवेशकों के भरोसे को एक बार फिर से डगमगा दिया है। यह खबर शुक्रवार को बाजार खुलने के साथ ही वोडाफोन आइडिया के शेयरों पर गहरा असर डाल सकती है।
वोडाफोन आइडिया शेयर पर जीएसटी का बड़ा झटका, क्या होगा निवेशकों का?
वोडाफोन आइडिया शेयर: अब 637 करोड़ का नया संकट
टेलीकॉम सेक्टर की प्रमुख कंपनी वोडाफोन आइडिया लिमिटेड ने गुरुवार को नियामक फाइलिंग में बताया कि उसे सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (CGST) के एडिशनल कमिश्नर, अहमदाबाद से एक बड़ा पेनाल्टी ऑर्डर मिला है। यह आदेश सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स एक्ट, 2017 की धारा 74 के तहत पारित किया गया है, जिसके तहत कंपनी को 6,37,90,68,254 रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया गया है। इसमें टैक्स डिमांड के साथ-साथ लागू ब्याज भी शामिल है। यह भारी जीएसटी पेनाल्टी कंपनी के लिए एक बड़ा वित्तीय बोझ साबित हो सकता है।
कंपनी पर आरोप है कि उसने वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान टैक्स का कम भुगतान किया और इनपुट टैक्स क्रेडिट का तय सीमा से अधिक दावा किया। वोडाफोन आइडिया ने कहा कि उसे यह ऑर्डर 31 दिसंबर, 2025 को मिला। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। कंपनी ने अपनी फाइलिंग में यह भी स्पष्ट किया है कि वह इस आदेश से असहमत है और इसके खिलाफ उचित कानूनी विकल्पों का सहारा लेगी। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब कंपनी पहले से ही भारी कर्ज में डूबी है और अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए संघर्ष कर रही है।
निवेशकों पर असर और आगे की राह
इस नए जीएसटी पेनाल्टी ऑर्डर से वोडाफोन आइडिया के निवेशकों का भरोसा हिल सकता है। कंपनी के शेयर पहले ही काफी उतार-चढ़ाव देख चुके हैं, और ऐसे में एक और बड़ी वित्तीय चुनौती उसके शेयर प्रदर्शन पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के झटके कंपनी की बैलेंस शीट पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं और पूंजी जुटाने की उसकी योजनाओं को भी प्रभावित कर सकते हैं। कंपनी को न केवल इस मांग का सामना करना होगा, बल्कि कानूनी लड़ाई में भी संसाधन लगाने होंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
हालांकि, कंपनी का यह बयान कि वह इस ऑर्डर से असहमत है और कानूनी विकल्पों का सहारा लेगी, कुछ हद तक निवेशकों को आश्वस्त कर सकता है कि वह हार मानने को तैयार नहीं है। अब देखना यह होगा कि कंपनी इस कानूनी चुनौती से कैसे निपटती है और क्या वह इस भारी जुर्माने से बच पाती है। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें। भारतीय टेलीकॉम बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच, वोडाफोन आइडिया के लिए यह एक और बड़ी बाधा साबित हो सकती है, जिसे पार करना उसके लिए आसान नहीं होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


