
NIA की बड़ी कार्रवाई! नागालैंड से बिहार में AK-47 तस्करी करने वाला मंजूर खान गिरफ्तार। मुजफ्फरपुर AK-47 केस में बड़ा खुलासा, हथियार माफिया मंजूर खान NIA के हत्थे चढ़ा। NIA के शिकंजे में मंजूर खान! AK-47 तस्करी रैकेट का मास्टरमाइंड माना जा रहा।@दिल्ली-मुजफ्फरपुर,देशज टाइम्स।
नागालैंड से बिहार तक हथियार सप्लाई की साजिश! NIA ने पकड़ा AK-47 नेटवर्क का अहम खिलाड़ी
नागालैंड से बिहार तक हथियार सप्लाई की साजिश! NIA ने पकड़ा AK-47 नेटवर्क का अहम खिलाड़ी। AK-47 और गोला-बारूद बरामदगी केस: मंजूर खान की गिरफ्तारी से NIA ने तोड़ा हथियार गिरोह। NIA का दावा: मंजूर खान ने रची थी साजिश, देश में फैला सकता था खून-खराबा। मुजफ्फरपुर में हथियार तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश, मंजूर खान की गिरफ्तारी से हड़कंप@दिल्ली-मुजफ्फरपुर,देशज टाइम्स।
NIA की बड़ी कार्रवाई: मुजफ्फरपुर AK-47 राइफल केस में प्रमुख आरोपी मंजूर खान गिरफ्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मुजफ्फरपुर AK-47 Rifle Case और Illegal Arms Trafficking नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक प्रमुख आरोपी को गिरफ्तार किया है।
एजेंसी ने आरोपी मंजूर खान उर्फ बाबू भाई को गिरफ्तार किया, जिस पर आरोप है कि वह नागालैंड से बिहार तक sophisticated prohibited bore weapons की तस्करी में शामिल था।
विकास कुमार का करीबी सहयोगी था मंजूर खान
NIA अधिकारियों के अनुसार, मंजूर खान मुख्य आरोपी विकास कुमार का करीबी सहयोगी था। जांच में सामने आया कि खान और उसके सहयोगी अवैध हथियारों (Illegal Weapons) की खरीद-फरोख्त और ट्रांसपोर्टेशन में सक्रिय रूप से शामिल थे।
एजेंसी ने बयान जारी कर कहा:
“मंजूर ने अपने सह-आरोपियों के साथ मिलकर Public Peace और National Security को खतरे में डालने के लिए हथियार तस्करी की साजिश रची थी।”
जुलाई 2024 की बड़ी बरामदगी से जुड़ा मामला
यह मामला जुलाई 2024 का है जब फकुली पुलिस (Muzaffarpur) ने मुरघटिया पुल से एक AK-47 Rifle और जिंदा कारतूस बरामद किए थे। इस कार्रवाई में चार लोगों – विकास कुमार, सत्यम कुमार, देवमणि राय, अहमद अंसारी को गिरफ्तार किया गया। उन पर Arms Act के तहत केस दर्ज हुआ और आरोप पत्र दायर किया गया।
अगस्त 2024 में NIA ने संभाली जांच
अगस्त 2024 में NIA ने केस संख्या RC-11/2024/NIA/DLI दर्ज कर जांच अपने हाथ में ले ली। एजेंसी को सबूत मिले कि यह मामला सिर्फ साधारण हथियार बरामदगी नहीं बल्कि एक बड़ी साजिश (Conspiracy) है। इस दौरान चारों आरोपियों के खिलाफ IPC 120B (Criminal Conspiracy) और UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) की धाराओं में पूरक आरोप पत्र दायर किया गया।
हथियार तस्करी नेटवर्क पर शिकंजा
खान की गिरफ्तारी के साथ NIA का मानना है कि उसने Arms Trafficking Network पर शिकंजा कस दिया है। हालांकि जांच अभी जारी है और एजेंसी अन्य षड्यंत्रकारियों (Conspirators), संभावित फंडिंग नेटवर्क (Financers) और जब्त हथियारों के Final Users का पता लगाने पर जोर दे रही है।