
“निजता” या “सच” – किसे माने अदालत? अब पति की रिकॉर्ड की गई कॉल बन सकती है तलाक का सबूत! सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला। “पत्नी कोई संपत्ति नहीं!” कोर्ट ने द्रौपदी उदाहरण देकर बदली सोच – पढ़िए सुप्रीम कोर्ट का संदेश। “गोपनीयता सीमित है” – कोर्ट ने कहा: पति-पत्नी के बीच की रिकॉर्डिंग वैवाहिक मामलों में जरूरी हो सकती है। द्रौपदी का जिक्र, कॉल रिकॉर्डिंग पर मुहर – सुप्रीम कोर्ट का फैसला बदलेगा वैवाहिक विवादों की दिशा@दिल्ली-देशज टाइम्स।