

Aaj Ka Panchang: सनातन धर्म में दैनिक पंचांग का विशेष महत्व है, जो हमें दिनभर के शुभ-अशुभ समय, तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की चाल से अवगत कराता है। यह आध्यात्मिक यात्रा में सही दिशा और उचित कर्मों के चयन में सहायक होता है।
# Aaj Ka Panchang: जानिए 06 फरवरी 2026 का विस्तृत पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्त
आज 06 फरवरी 2026, शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी और शुक्र देव की आराधना के लिए अत्यंत श्रेष्ठ माना जाता है। यह दिन धन, ऐश्वर्य, सौंदर्य और भौतिक सुखों के कारक ग्रह शुक्र देव को समर्पित है, जिनकी प्रसन्नता से जीवन में समृद्धि आती है। किसी भी कार्य को प्रारंभ करने से पहले, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। दैनिक पंचांग के माध्यम से शुभ मुहूर्त और ग्रहों की स्थिति का ज्ञान होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि हम प्रतिकूल समय से बचकर अनुकूल समय का सदुपयोग कर सकें।
## Aaj Ka Panchang: दिन के महत्वपूर्ण समय और ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति
आज के दिन व्यापारिक और आर्थिक बाधाओं को दूर करने तथा सुख-समृद्धि की प्राप्ति के लिए माता लक्ष्मी और शुक्र देव की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इस दिन सफेद कमल और लाल गुलाब अर्पित करना अत्यंत शुभ फलदायी होता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, आज के दिन कुछ विशेष शुभ मुहूर्त बन रहे हैं, जिनका लाभ उठाकर आप अपने कार्यों में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें।
### माता लक्ष्मी और शुक्र देव की आराधना
शुक्रवार के दिन इन सरल विधि से आप माता लक्ष्मी और शुक्र देव का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं:
* प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
* पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें और चौकी पर माता लक्ष्मी एवं शुक्र देव की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
* माता लक्ष्मी को सफेद कमल और लाल गुलाब अर्पित करें।
* शुक्र देव को सफेद पुष्प जैसे चमेली या सफेद कनेर चढ़ाएं।
* धूप, दीप, नैवेद्य (खीर या सफेद मिठाई) अर्पित करें।
* मनोकामना पूर्ति के लिए मंत्रों का जाप करें।
### शुभ-अशुभ मुहूर्त 06 फरवरी 2026 (शुक्रवार)
(यह तालिका 06 फरवरी 2026 के सामान्य ज्योतिषीय सिद्धांतों पर आधारित एक सांकेतिक विवरण है।)
| विवरण | समय (लगभग) |
| :————– | :—————- |
| **सूर्योदय** | प्रातः 06:58 बजे |
| **सूर्यास्त** | सायं 06:08 बजे |
| **अभिजीत मुहूर्त** | दोपहर 12:13 – 12:58 बजे |
| **राहु काल** | प्रातः 11:13 – दोपहर 12:35 बजे |
| **गुलिक काल** | प्रातः 08:31 – प्रातः 09:52 बजे |
| **यमगंड** | दोपहर 03:20 – सायं 04:42 बजे |
### शुक्रवार का आध्यात्मिक महत्व
शुक्रवार का दिन देवी लक्ष्मी और शुक्र ग्रह से जुड़ा होने के कारण भौतिक सुख-सुविधाओं, प्रेम, सौंदर्य और कला के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन की गई साधना और दान-पुण्य से आर्थिक कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सकारात्मकता आती है। शुक्र ग्रह की मजबूती से वैवाहिक जीवन में मधुरता और समाज में मान-सम्मान बढ़ता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
### लाभकारी मंत्र
शुक्रवार के दिन इन मंत्रों का जाप विशेष लाभकारी माना गया है:
> ॐ शुं शुक्राय नमः।
> ॐ महालक्ष्म्यै नमः।
इन मंत्रों का 108 बार जाप करने से शुक्र ग्रह संबंधी दोष दूर होते हैं और माता लक्ष्मी की कृपा से धन-धान्य की वृद्धि होती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
### निष्कर्ष एवं उपाय
आज के दिन माता लक्ष्मी और शुक्र देव की विधि-विधान से पूजा कर आप अपने जीवन से आर्थिक और व्यापारिक बाधाओं को दूर कर सकते हैं। सफेद वस्त्र धारण करना, सफेद वस्तुओं का दान करना (जैसे चावल, दूध, चीनी) और कन्याओं को भोजन कराना भी शुक्रवार के दिन अत्यंत शुभ माना जाता है। इससे शुक्र ग्रह मजबूत होता है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।


