Aaj Ka Panchang: पवित्र माघ मास, कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि और शुक्रवार का पावन संयोग मन में असीम शांति तथा श्रद्धा का भाव जगा रहा है। इस शुभ दिन पर ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति और शुभ-अशुभ मुहूर्तों का ज्ञान आपके हर कार्य में सहायक होगा।
आज का पंचांग: 16 जनवरी 2026 को जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त और शुक्र प्रदोष व्रत का महत्व
आज 16 जनवरी 2026, शुक्रवार को माघ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि उपरांत चतुर्दशी तिथि हो जाएगी। यह दिन विशेष रूप से भगवान शिव को समर्पित शुक्र प्रदोष व्रत का अद्भुत संयोग लेकर आया है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, आज का दिन आध्यात्मिक उन्नति और मनोकामना पूर्ति के लिए अत्यंत शुभ है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। ग्रहों की अनुकूल स्थिति और शुभ प्रदोष व्रत के प्रभाव से आज किए गए पूजन-अर्चना का फल कई गुना अधिक प्राप्त होगा। दैनिक राशिफल और ज्योतिषीय गणनाओं के लिए यहां क्लिक करें: दैनिक राशिफल और ज्योतिषीय गणनाओं के लिए यहां क्लिक करें
16 जनवरी 2026 का Aaj Ka Panchang और शुक्र प्रदोष व्रत का आध्यात्मिक महत्व
शुक्रवार का दिन देवी लक्ष्मी और शुक्र ग्रह को समर्पित होता है। इस दिन प्रदोष व्रत पड़ने से इसे शुक्र प्रदोष व्रत कहा जाता है, जिसका महत्व और भी बढ़ जाता है। भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा से सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जो भक्त सच्चे मन से इस दिन व्रत रखते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं, उन्हें विशेष फल की प्राप्ति होती है।
आज का शुभ मुहूर्त
आज के दिन कुछ विशेष समय अत्यंत शुभ माने जाते हैं, जिनमें किए गए कार्य सफलतापूर्वक संपन्न होते हैं।
| मुहूर्त का नाम | समय |
| :—————– | :————— |
| ब्रह्म मुहूर्त | प्रातः 05:24 से 06:18 |
| अभिजित मुहूर्त | दोपहर 12:15 से 01:00 |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02:30 से 03:15 |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 06:10 से 06:35 |
आज का अशुभ मुहूर्त
अशुभ समय में महत्वपूर्ण कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है ताकि किसी भी प्रकार की बाधा से बचा जा सके।
| अशुभ मुहूर्त का नाम | समय |
| :—————– | :—————– |
| राहुकाल | प्रातः 11:00 से दोपहर 12:30 |
| यमगंड | दोपहर 03:00 से 04:30 |
शुक्र प्रदोष व्रत पूजा विधि
शुक्र प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव का पूजन विधि-विधान से करने पर अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।
* सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
* पूरे दिन निराहार या फलाहार व्रत का संकल्प लें।
* शाम को प्रदोष काल (सूर्यास्त के 45 मिनट पहले और 45 मिनट बाद का समय) में पूजा की तैयारी करें।
* एक साफ स्थान पर भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
* गंगाजल से अभिषेक करें, फिर पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल) से अभिषेक करें।
* इसके बाद चंदन, बेलपत्र, धतूरा, भांग, फूल, फल और मिठाई अर्पित करें।
* दीप प्रज्वलित करें और धूप जलाएं।
* शिव चालीसा का पाठ करें और प्रदोष व्रत कथा सुनें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
* अंत में आरती करें और प्रसाद वितरित करें।
मंत्र
शुक्र प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव के इस मंत्र का जाप विशेष फलदायी होता है।
> ॐ नमः शिवाय
उपाय
आज के दिन भगवान शिव को काले तिल मिलाकर जल अर्पित करने से समस्त कष्टों का निवारण होता है और शनि दोष से मुक्ति मिलती है। गाय को हरा चारा खिलाना भी पुण्यकारक होता है।
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