

Aaj Ka Panchang: वैदिक ज्योतिष और सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है। यह न केवल तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण की सटीक जानकारी देता है, बल्कि शुभ और अशुभ समय का बोध कराकर हमारे दैनिक कार्यों को सही दिशा भी प्रदान करता है।
# आज का पंचांग 18 फरवरी 2026: शुभ-अशुभ मुहूर्त और गणेश पूजा विधि
## Aaj Ka Panchang: बुधवार, 18 फरवरी 2026 का विस्तृत विवरण
माघ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से आरंभ होकर, आज का दिन बुधवार, 18 फरवरी 2026 है। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें। यह दिन भगवान श्री गणेश को समर्पित है, जिनकी आराधना से विघ्नहर्ता भक्तों के सभी कष्ट हर लेते हैं। भारतीय काल गणना के अनुसार, प्रत्येक दिन का अपना विशिष्ट महत्व होता है, जो ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति से निर्धारित होता है। आज के दिन पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र का प्रभाव विशेष रूप से कला और संगीत से जुड़े व्यक्तियों के लिए अत्यंत शुभ फलदायी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
### 18 फरवरी 2026 का पंचांग विवरण
| तत्व | विवरण |
| :——– | :—————————————– |
| वार | बुधवार |
| तिथि | फाल्गुन शुक्ल प्रतिपदा (प्रातः 09:20 तक), उपरांत द्वितीया |
| नक्षत्र | पूर्वाफाल्गुनी (शाम 07:45 तक), उपरांत उत्तराफाल्गुनी |
| योग | वरियान (रात 09:05 तक), उपरांत परिघ |
| करण | किंस्तुघ्न (प्रातः 09:20 तक), उपरांत गर |
| सूर्योदय | प्रातः 06:58 बजे |
| सूर्यास्त | सायं 06:17 बजे |
| चंद्र राशि | सिंह (पूरे दिन) |
### गणेश पूजा विधि और शुभ उपाय
बुधवार के दिन भगवान गणेश की पूजा-अर्चना विशेष फलदायी होती है। अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए इन सरल चरणों का पालन करें:
* भगवान श्री गणेश की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
* उन्हें शुद्ध जल से स्नान कराएं।
* लाल चंदन का तिलक लगाएं और लाल पुष्प अर्पित करें।
* दूर्वा घास की 21 गांठें अर्पित करें। यह विशेषकर व्यापारिक बाधाओं को दूर करने और आर्थिक उन्नति के लिए सहायक होता है।
* मोदक या लड्डू का भोग लगाएं।
* धूप-दीप प्रज्वलित करें और भक्ति भाव से आरती करें।
* भगवान गणेश के इस पवित्र मंत्र का जाप करें:
ॐ गं गणपतये नमः
यह मंत्र जाप कम से कम 108 बार करने से बुद्धि और विवेक में वृद्धि होती है, साथ ही सभी विघ्न बाधाएं दूर होती हैं।
### शुभ और अशुभ मुहूर्त (18 फरवरी 2026)
| मुहूर्त | समय |
| :—————- | :———————– |
| ब्रह्म मुहूर्त | प्रातः 05:13 से 06:03 तक |
| अभिजित मुहूर्त | दोपहर 12:13 से 12:58 तक |
| गोधूलि मुहूर्त | सायं 06:21 से 06:45 तक |
| **अशुभ मुहूर्त** | |
| राहुकाल | दोपहर 12:35 से 02:00 तक |
| यमगण्ड | प्रातः 08:24 से 09:49 तक |
| गुलिक काल | प्रातः 11:12 से 12:35 तक |
| दिशा शूल | उत्तर दिशा (यात्रा से बचें या गुड़ खाकर निकलें) |
### निष्कर्ष एवं आज का उपदेश
आज का यह पवित्र पंचांग हमें अपने दिन को व्यवस्थित और शुभ बनाने की प्रेरणा देता है। भगवान गणेश की कृपा से सभी कार्य निर्विघ्न संपन्न हों, यही कामना है। प्रत्येक व्यक्ति को शुभ कर्मों में लीन रहते हुए धर्म के मार्ग पर अग्रसर होना चाहिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
यह विस्तृत पंचांग जानकारी आपको अपने दिन की योजना बनाने और शुभ कार्यों को संपन्न करने में सहायक सिद्ध होगी।

