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मार्च, 5, 2026
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आज अमावस्या का महायोग! पितृ दोष से मुक्ति के लिए जरूर करें ये काम पढ़िए Aaj Ka Panchang

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Aaj Ka Panchang: प्रत्येक दिन का अपना एक विशेष महत्व होता है और ज्योतिष शास्त्र में पंचांग के माध्यम से हम उस दिन की शुभ-अशुभ घड़ियों, ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति तथा महत्वपूर्ण योगों का ज्ञान प्राप्त करते हैं। 18 जनवरी 2026, रविवार का यह पावन दिन माघ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि के साथ आरंभ हो रहा है, जो अपने आप में एक गहरा आध्यात्मिक संदेश लेकर आता है।

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आज के दिन का महत्व और Aaj Ka Panchang

ज्योतिष गणनाओं के अनुसार, आज रविवार का दिन भगवान सूर्यदेव को समर्पित है और साथ ही माघ कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि पितरों के तर्पण और पूजन के लिए अत्यंत फलदायी मानी जाती है। यह समय उन समस्त कार्यों के लिए विशेष है, जहाँ हमें पितरों का आशीर्वाद और ग्रहों की अनुकूलता चाहिए होती है। आज के दिन के पंचांग में हम विभिन्न ग्रहों की स्थिति, नक्षत्र, योग और करण का विस्तृत विश्लेषण करेंगे ताकि आप अपने दिन की योजना सर्वोत्तम तरीके से बना सकें। इस पवित्र दिन पर कई Shubh Muhurat भी बन रहे हैं, जिनका लाभ उठाकर आप अपने कार्यों को सफलता की ओर अग्रसर कर सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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आज 18 जनवरी 2026, रविवार को माघ मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि प्रातः 10:30 बजे तक रहेगी, जिसके उपरांत प्रतिपदा तिथि का आरंभ हो जाएगा। इस प्रकार यह दिन पितृ कार्य और सूर्य साधना दोनों के लिए विशेष है।

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आज के दिन की पूजन विधि और उपाय:

आज के दिन को शुभ और फलदायी बनाने के लिए निम्नलिखित विधि अपनाई जा सकती है:

  • प्रातःकाल स्नान आदि से निवृत होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • सूर्य देव को तांबे के लोटे में शुद्ध जल, लाल चंदन, लाल फूल और अक्षत डालकर ‘ॐ घृणि सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप करते हुए अर्घ्य दें।
  • पितरों की शांति के लिए किसी पवित्र नदी में स्नान करें या घर पर ही जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
  • ब्राह्मणों को पितरों के निमित्त अन्न और वस्त्र का दान करें। गौशाला में चारा दान करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है।
  • संध्याकाल में पीपल के वृक्ष के नीचे तेल का दीपक प्रज्ज्वलित करें और पितरों से आशीर्वाद की कामना करें।

पितृ अमावस्या का महत्व:

माघ मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मौनी अमावस्या या माघी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। यद्यपि यह मौनी अमावस्या नहीं है, फिर भी अमावस्या तिथि होने के कारण यह पितरों के तर्पण, श्राद्ध और दान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन पितरों के निमित्त किए गए कार्य उन्हें संतुष्टि प्रदान करते हैं और परिवार पर उनका आशीर्वाद बना रहता है। इस पवित्र दिवस पर, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, जो आपको धर्म और अध्यात्म से जुड़ी सटीक जानकारी प्रदान करता है।

आज के लिए विशेष मंत्र:

ॐ पितृभ्य: नम:

ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलं देहि देहि स्वाहा।।

निष्कर्ष और उपसंहार:

आज का दिन अपने आप में कई शुभ संयोगों को समेटे हुए है। रविवार का दिन होने से सूर्य देव की कृपा और अमावस्या तिथि होने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करने का यह उत्तम अवसर है। दान, पुण्य और मंत्र जाप से आप अपने जीवन में सुख-शांति और समृद्धि ला सकते हैं। ग्रहों की चाल और नक्षत्रों का प्रभाव हमें सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। अपने कार्यों को Shubh Muhurat में करें और अशुभ समय का त्याग करें। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें: धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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