
Aaj Ka Panchang: सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले पंचांग का अवलोकन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। ग्रहों की स्थिति, तिथियों का क्रम और शुभ-अशुभ काल की जानकारी हमें सही दिशा प्रदान करती है। आज 18 मार्च 2026, बुधवार के दिन का पंचांग यहाँ विस्तार से प्रस्तुत है।
आज का पंचांग: 18 मार्च 2026 को जानें दिन-मान और अमावस्या तिथि का महत्व
आज, 18 मार्च 2026 को, बुधवार का पावन दिन है। चैत्र कृष्णपक्ष की चतुर्दशी तिथि सुबह 07 बजकर 39 मिनट तक रहेगी, जिसके उपरांत पवित्र अमावस्या तिथि का आरम्भ हो जाएगा। यह दिन पितरों को स्मरण करने और धार्मिक अनुष्ठान करने के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन किए गए दान-पुण्य और तर्पण से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। किसी भी कार्य के लिए शुभ मुहूर्त का चयन अत्यंत आवश्यक होता है, क्योंकि यह कार्य की सफलता में सहायक होता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, आज के दिन कुछ विशेष शुभ मुहूर्त बन रहे हैं, जिनका सदुपयोग करके आप अपने कार्यों में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
आज का पंचांग: चैत्र कृष्णपक्ष की स्थिति
आज के दिन-मान की मुख्य बातें:
- आज का वार: बुधवार
- तिथि: चैत्र कृष्णपक्ष चतुर्दशी सुबह 07 बजकर 39 मिनट तक, तत्पश्चात अमावस्या
- नक्षत्र: पूर्वा भाद्रपद
- योग: शुभ योग
- करण: विष्टि/बव
- मास: चैत्र (कृष्णपक्ष)
- विक्रम संवत: 2083
- शक संवत: 1947
- सूर्योदय: सुबह 06:20 बजे (लगभग)
- सूर्यास्त: शाम 06:30 बजे (लगभग)
आज के मुख्य समय:
आज के प्रमुख शुभ काल
| विवरण | समय |
|---|---|
| ब्रह्म मुहूर्त | सुबह 04:52 बजे से 05:40 बजे तक |
| अभिजित मुहूर्त | दोपहर 12:06 बजे से 12:54 बजे तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02:30 बजे से 03:18 बजे तक |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 06:28 बजे से 06:52 बजे तक |
| निशिता मुहूर्त | मध्यरात्रि 12:06 बजे से 12:54 बजे (19 मार्च) |
आज के अशुभ काल
| विवरण | समय |
|---|---|
| राहुकाल | दोपहर 12:30 बजे से 02:00 बजे तक |
| यमगंड | सुबह 07:50 बजे से 09:20 बजे तक |
| गुलिक काल | सुबह 10:50 बजे से 12:20 बजे तक |
| दुर्मुहूर्त | सुबह 11:18 बजे से 12:06 बजे तक और दोपहर 03:18 बजे से 04:06 बजे तक |
चैत्र कृष्ण अमावस्या का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, दान और पितरों का तर्पण करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। यह तिथि पितृ दोष शांति और कालसर्प दोष निवारण के लिए भी अत्यंत शुभ मानी जाती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस दिन किए गए उपाय व्यक्ति के जीवन से नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सुख-शांति प्रदान करते हैं।
आज के पावन दिन पर भगवान विष्णु और शिवजी की आराधना विशेष फलदायी होती है। अमावस्या पर पीपल के वृक्ष की पूजा करना और संध्या काल में दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। साथ ही, गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन का दान करने से पितृ प्रसन्न होते हैं, ग्रह दोष शांत होते हैं और जीवन में सकारात्मकता आती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें।


