

Aaj Ka Panchang: आज के पावन दिवस पर ग्रहों और नक्षत्रों की चाल जीवन को कैसे प्रभावित करती है, इसका विस्तृत विवरण प्रस्तुत है। एक आध्यात्मिक यात्रा पर निकलें और जानें कि कैसे आप इस दिन को अपने लिए शुभ बना सकते हैं।
आज का पंचांग: 19 फरवरी 2026, गुरुवार का शुभ-अशुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व
सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है, जो हमें तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण की सटीक जानकारी प्रदान करता है। 19 फरवरी 2026, गुरुवार का दिन भगवान श्री हरि विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की आराधना के लिए अत्यंत श्रेष्ठ माना जाता है। इस दिन फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि प्रातः 08:30 बजे तक रहेगी, जिसके उपरांत तृतीया तिथि का आरंभ होगा। यह अद्भुत संयोग आध्यात्मिक उन्नति और भौतिक समृद्धि के द्वार खोलता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। आज के दिन यदि आप किसी शुभ कार्य का आरंभ करने का विचार कर रहे हैं, तो शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। गुरुवर का यह दिन ज्ञान, धन और वैवाहिक सुख के लिए विशेष फलदायी होता है।
Aaj Ka Panchang: आज के दिन का ज्योतिषीय विश्लेषण
आज का दिन देवगुरु बृहस्पति को समर्पित होने के कारण पीले वस्त्र धारण करना, पीली वस्तुओं का दान करना और केले के पेड़ की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन विशेष शुभ मुहूर्त में किए गए कार्य सफलता दिलाते हैं। कुंडली में बृहस्पति को मजबूत करने और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए यह दिन अद्वितीय अवसर प्रदान करता है। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें
भगवान विष्णु की पूजा विधि:
- प्रातःकाल उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- सूर्यदेव को अर्घ्य दें और अपने इष्टदेव का स्मरण करें।
- भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
- उन्हें गंगाजल से अभिषेक कराएं और पीले चंदन का तिलक लगाएं।
- पीले फूल, फल, धूप, दीप और नैवेद्य (चने की दाल या बेसन के लड्डू) अर्पित करें।
- हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें (यदि व्रत रख रहे हों)।
- भगवान विष्णु सहस्त्रनाम या विष्णु चालीसा का पाठ करें।
- अंत में आरती कर प्रसाद वितरित करें।
आज के मुख्य मुहूर्त (19 फरवरी 2026, गुरुवार):
| विवरण | समय |
|---|---|
| राहुकाल | दोपहर 01:30 बजे से दोपहर 03:00 बजे तक |
| गुलिक काल | प्रातः 09:00 बजे से प्रातः 10:30 बजे तक |
| यमगण्ड | प्रातः 06:00 बजे से प्रातः 07:30 बजे तक |
| अभिजित मुहूर्त | दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक |
| ब्रह्म मुहूर्त | प्रातः 04:45 बजे से प्रातः 05:35 बजे तक |
| अमृत काल | प्रातः 10:15 बजे से दोपहर 11:45 बजे तक |
भगवान विष्णु का महत्व
भगवान विष्णु सृष्टि के पालक और संरक्षक हैं। वे संसार के समस्त जीवों को जीवन प्रदान करते हैं और धर्म की स्थापना के लिए विभिन्न अवतारों में पृथ्वी पर आते हैं। उनकी कृपा से जीवन में शांति, समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है। गुरुवार का दिन विशेष रूप से उनकी आराधना के लिए समर्पित है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मंत्र जाप:
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
आज के दिन इस मंत्र का 108 बार जाप करने से सभी कष्ट दूर होते हैं और मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। यह मंत्र भगवान विष्णु को समर्पित है और इसे अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है।
निष्कर्ष एवं उपाय
आज का दिन देवगुरु बृहस्पति की ऊर्जा और भगवान विष्णु की कृपा से भरा हुआ है। इस पावन अवसर पर सच्ची श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-अर्चना करने से आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव आएंगे। पीले रंग का अधिक से अधिक उपयोग करें और जरूरतमंदों को पीली वस्तुओं का दान करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह छोटे से उपाय आपके भाग्य को प्रबल करेंगे और आपको सुख-समृद्धि प्रदान करेंगे। भगवान विष्णु आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करें।


