
Aaj Ka Panchang: वैदिक ज्योतिष और सनातन धर्म की पावन परंपरा में हर दिवस विशेष महत्व रखता है। प्रत्येक तिथि, नक्षत्र और ग्रह की चाल हमें जीवन की दिशा दिखाती है। आज, ३० जनवरी २०२६, शुक्रवार का दिन आध्यात्मिकता और शुभ संयोगों से भरा हुआ है, जब प्रदोष व्रत का पुण्यकाल और भीष्म द्वादशी का पवित्र पर्व एक साथ आ रहा है।
आज का पंचांग: जानिए ३० जनवरी २०२६, शुक्रवार के शुभ-अशुभ मुहूर्त और प्रदोष व्रत की महिमा
आज का पंचांग: शुभ मुहूर्त और राहुकाल
सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है, जो हमें दिन की शुभता और अशुभता से अवगत कराता है। ३० जनवरी २०२६, शुक्रवार का दिन धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत पावन है। आज जहां भगवान शिव को समर्पित शुक्र प्रदोष व्रत का अद्भुत संयोग बन रहा है, वहीं महाभारत के महान योद्धा भीष्म पितामह की स्मृति में भीष्म द्वादशी भी मनाई जा रही है। इन दोनों ही पवित्र अवसरों का एक साथ होना भक्तों के लिए विशेष फलदायी है। इस दिन का हर क्षण महत्वपूर्ण है, और विभिन्न ग्रहों व नक्षत्रों की स्थिति जीवन पर गहरा प्रभाव डालती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह दिवस भगवान शिव की कृपा और भीष्म पितामह के त्याग को स्मरण करने का अद्भुत अवसर है।
शुक्र प्रदोष व्रत पूजा विधि
शुक्र प्रदोष व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने और सुख-समृद्धि प्राप्त करने के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। इस दिन प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा अर्चना विशेष फलदायी होती है।
- सूर्यास्त से लगभग ४५ मिनट पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- पूजा स्थल को गंगाजल से पवित्र करें और शिवलिंग पर जल, दूध, दही, घी, शहद और गन्ने का रस चढ़ाएं।
- धूप, दीप, पुष्प, बेलपत्र, धतूरा, भांग आदि अर्पित करें।
- ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें।
- शिव चालीसा का पाठ करें और व्रत कथा सुनें।
- आरती करें और भगवान शिव से सुख-शांति तथा मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करें।
भीष्म द्वादशी का महत्व
माघ मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को भीष्म द्वादशी के रूप में मनाया जाता है। यह दिन महाभारत के महान योद्धा, भीष्म पितामह को समर्पित है। ऐसी मान्यता है कि इसी दिन भीष्म पितामह ने सूर्य के उत्तरायण होने की प्रतीक्षा करते हुए अपनी इच्छा से देह त्याग किया था। इस दिन उनका स्मरण करने और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। कई स्थानों पर इस दिन तर्पण और दान का भी विधान है।
आज के महत्वपूर्ण समय (पंचांग)
| विवरण | समय (भारतीय मानक समय) |
|---|---|
| सूर्योदय | ०७:०५ AM |
| सूर्यास्त | ०६:०३ PM |
| चंद्रोदय | ०३:५५ PM |
| चंद्रास्त | ०६:०४ AM (३१ जनवरी) |
| तिथि | द्वादशी (दोपहर ०३:२० PM तक), उपरांत त्रयोदशी |
| नक्षत्र | आर्द्रा (सुबह १०:४५ AM तक), उपरांत पुनर्वसु |
| करण | बालव (दोपहर ०३:२० PM तक), उपरांत कौलव |
| योग | प्रीति (रात ०९:५० PM तक), उपरांत आयुष्मान |
| राहुकाल | सुबह १०:५८ AM से दोपहर १२:१९ PM तक |
| शुभ मुहूर्त (अभिजीत) | दोपहर १२:१९ PM से दोपहर ०१:०३ PM तक |
| प्रदोष काल | शाम ०५:३० PM से रात ०८:१३ PM तक |
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
आज का दिन आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण है। शुक्र प्रदोष व्रत जहां भगवान शिव की अनंत कृपा बरसाएगा, वहीं भीष्म द्वादशी हमें त्याग और धर्मनिष्ठा की प्रेरणा देगी। इन पावन संयोगों का लाभ उठाएं और अपने जीवन को सकारात्मकता से भरें। धार्मिक अनुष्ठानों और सच्ची श्रद्धा से किया गया कोई भी कार्य निश्चित रूप से सफल होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें: धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें।







