



Aaj Ka Panchang: वैदिक ज्योतिष और सनातन धर्म में हर दिन का विशेष महत्व होता है और 8 फरवरी 2026, रविवार का यह पावन दिवस भानु सप्तमी के रूप में भगवान सूर्यदेव की असीम कृपा लेकर आ रहा है। यह दिवस सूर्य उपासना और आरोग्य-सुख की प्राप्ति के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस विशेष तिथि पर आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। श्रद्धापूर्वक व्रत-पूजन करने से रोग, कष्ट और बाधाएं दूर होकर जीवन में ऊर्जा, यश और समृद्धि का संचार होता है।
आज का पंचांग: 8 फरवरी 2026, भानु सप्तमी का शुभ पर्व
आज का पंचांग: शुभ-अशुभ मुहूर्त और दिशा शूल
प्रत्येक दिन का पंचांग हमें ग्रहों, नक्षत्रों और योगों की स्थिति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देता है, जिससे हम अपने दैनिक कार्यों को शुभ समय में प्रारंभ कर सकें। 8 फरवरी 2026, रविवार को माघ मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है, जिसे भानु सप्तमी के नाम से भी जाना जाता है। यह दिन भगवान सूर्य को समर्पित है और इस दिन सूर्यदेव की आराधना करने से व्यक्ति को तेज, बल और आरोग्य की प्राप्ति होती है।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सूर्यदेव की उपासना से जीवन के सभी अंधकार दूर होते हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें।
8 फरवरी 2026 का विस्तृत पंचांग
- विक्रम संवत: 2082, आनंद
- शक संवत: 1947
- माह: माघ, शुक्ल पक्ष
- तिथि: सप्तमी (सुबह 10:35 बजे तक, फिर अष्टमी)
- वार: रविवार
- नक्षत्र: रेवती (सुबह 08:15 बजे तक, फिर अश्विनी)
- योग: शुक्ल (रात 10:20 बजे तक, फिर ब्रह्म)
- करण: गर (सुबह 10:35 बजे तक), फिर वाणिज (रात 11:20 बजे तक)
शुभ मुहूर्त
| मुहूर्त | समय |
|---|---|
| सूर्योदय | सुबह 07:05 बजे |
| सूर्यास्त | शाम 05:55 बजे |
| अभिजीत मुहूर्त | दोपहर 12:13 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक |
| अमृत काल | अगले दिन सुबह 04:30 बजे से सुबह 06:00 बजे तक (यह मुहूर्त देर रात्रि में होगा) |
अशुभ मुहूर्त
| मुहूर्त | समय |
|---|---|
| राहुकाल | शाम 04:30 बजे से शाम 05:55 बजे तक |
| यमगंड | दोपहर 12:35 बजे से दोपहर 01:50 बजे तक |
| गुलिक काल | दोपहर 03:10 बजे से शाम 04:30 बजे तक |
दिशा शूल
आज रविवार को दिशा शूल पश्चिम दिशा में रहेगा। इस दिशा में यात्रा करने से बचें या घर से निकलने से पहले विपरीत दिशा में 5 कदम चलकर यात्रा करें।
भानु सप्तमी: सूर्यदेव की विशेष उपासना
माघ शुक्ल सप्तमी को भानु सप्तमी के नाम से जाना जाता है। यह दिन भगवान सूर्यदेव की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित है। मान्यता है कि इस दिन सूर्यदेव की विधि-विधान से पूजा करने से आरोग्य, धन और संतान सुख की प्राप्ति होती है। इस पावन पर्व पर आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
भानु सप्तमी पूजा विधि
- भानु सप्तमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर पवित्र नदी या घर पर ही स्नान करें।
- स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें और सूर्यदेव को अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय जल में रोली, लाल फूल और अक्षत मिलाएं।
- सूर्यदेव को धूप, दीप, लाल चंदन और लाल पुष्प अर्पित करें।
- सूर्य चालीसा या आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
- आज के दिन नमक रहित भोजन ग्रहण करना उत्तम माना जाता है।
- अपनी सामर्थ्य अनुसार गरीबों और ब्राह्मणों को दान करें, विशेष रूप से गेहूं, गुड़, लाल वस्त्र और तांबे के बर्तन।
सूर्यदेव का शक्तिशाली मंत्र
ॐ घृणि सूर्याय नमः।
इस मंत्र का जाप 108 बार करने से सूर्यदेव प्रसन्न होते हैं और भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
निष्कर्ष एवं उपाय
भानु सप्तमी का यह पावन पर्व हमें सूर्य की महत्ता और उनके ऊर्जावान स्वरूप को समझने का अवसर देता है। सूर्यदेव समस्त जगत के पालक और आरोग्य के दाता हैं। इस दिन उनकी सच्ची श्रद्धा से उपासना करने पर जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यदि आपकी कुंडली में सूर्य कमजोर स्थिति में है, तो भानु सप्तमी के दिन व्रत और पूजा विशेष फलदायी होती है। प्रतिदिन सूर्य को जल अर्पित करने और सूर्य मंत्र का जाप करने से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है और मान-सम्मान की प्राप्ति होती है।



