



Aaj Ka Panchang: पवित्रता और पुण्य के इस पावन दिन पर, जब प्रकृति भी अपनी दिव्यता बिखेर रही है, हम आपके लिए लेकर आए हैं 13 फरवरी 2026, शुक्रवार का विस्तृत पंचांग, जो आपके जीवन को दिशा और ऊर्जा प्रदान करेगा।
# आज का पंचांग 13 फरवरी 2026: विजया एकादशी के शुभ योग और ग्रहों की स्थिति
सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है, यह मात्र तिथियों और समय का संग्रह नहीं, बल्कि ईश्वरीय ऊर्जा और ब्रह्मांडीय स्पंदनों का लेखा-जोखा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। आज, 13 फरवरी 2026, शुक्रवार को विजया एकादशी का पावन व्रत है, जो भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन श्रद्धापूर्वक भगवान श्रीहरि की आराधना करने से जीवन के हर क्षेत्र में विजय और सफलता प्राप्त होती है। यह दिन न केवल आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है, बल्कि लौकिक बाधाओं को दूर कर सुख-समृद्धि भी प्रदान करता है, विशेषकर जब विष्णु पूजा विधि-विधान से की जाए। आज की विष्णु पूजा आपको मानसिक शांति और आंतरिक शक्ति प्रदान करेगी।
## आज का पंचांग: शुभ-अशुभ मुहूर्त और विजया एकादशी का महात्म्य
प्रत्येक दिन की अपनी विशेष ऊर्जा होती है, जिसे पंचांग के माध्यम से समझा जा सकता है। सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक, चंद्रमा की स्थिति और ग्रहों का गोचर हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव डालते हैं। आइए जानते हैं आज के पंचांग की विस्तृत जानकारी:
**आज 13 फरवरी 2026, शुक्रवार**
* **तिथि:** एकादशी (विजया एकादशी)
* **मास:** फाल्गुन, कृष्ण पक्ष
* **नक्षत्र:** पूर्वाषाढ़ा
* **योग:** साध्य योग
* **करण:** गर/वणिज
* **सूर्योदय:** प्रातः 06 बजकर 45 मिनट पर
* **सूर्यास्त:** सायं 06 बजकर 05 मिनट पर
* **चंद्रोदय:** प्रातः 03 बजकर 20 मिनट पर (14 फरवरी)
* **चंद्रास्त:** दोपहर 01 बजकर 50 मिनट पर
* **दिशा शूल:** पश्चिम दिशा में। यात्रा से बचें या यात्रा से पूर्व दही का सेवन करें।
### विजया एकादशी पूजा विधि
विजया एकादशी का व्रत समस्त कार्यों में विजय दिलाने वाला माना गया है। भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए इन चरणों का पालन करें:
* प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
* पूजा स्थल पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें।
* एक चौकी पर पीला वस्त्र बिछाकर भगवान की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
* पूजन का संकल्प लें।
* गंगाजल से अभिषेक करें और फिर पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल) से स्नान कराएं।
* भगवान को पीले फूल, पीला चंदन, तुलसी दल, और भोग में चने की दाल, मिश्री, पीले फल अर्पित करें।
* धूप, दीप प्रज्वलित करें।
> ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
* इस पवित्र मंत्र का 108 बार जाप अवश्य करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
* आरती करें और सभी में प्रसाद वितरित करें।
### शुभ और अशुभ मुहूर्त
कोई भी महत्वपूर्ण कार्य आरंभ करने से पहले शुभ मुहूर्त का ज्ञान आवश्यक है। यहां 13 फरवरी 2026 के कुछ महत्वपूर्ण मुहूर्त दिए गए हैं:
| मुहूर्त का प्रकार | समय (भारतीय मानक समय) |
| :————— | :——————– |
| शुभ मुहूर्त | |
| अभिजीत मुहूर्त | दोपहर 12:13 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02:30 बजे से दोपहर 03:15 बजे तक |
| अशुभ मुहूर्त | |
| राहु काल | प्रातः 10:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक |
| यमगंड | दोपहर 03:00 बजे से दोपहर 04:30 बजे तक |
### विजया एकादशी का महत्व
पौराणिक कथाओं के अनुसार, विजया एकादशी का व्रत भगवान राम ने लंका पर विजय प्राप्त करने से पूर्व किया था। इस व्रत के प्रभाव से उन्होंने समुद्र पार करने में सफलता प्राप्त की और रावण पर विजय हासिल की। इसलिए, यह व्रत शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने, मुकदमों में जीत हासिल करने और हर प्रकार की बाधाओं को दूर करने के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। इस दिन दान-पुण्य का भी विशेष महत्व होता है।
**निष्कर्ष और उपाय:**
आज विजया एकादशी के पावन अवसर पर भगवान विष्णु की आराधना से आपके जीवन के समस्त कष्ट दूर होंगे और सुख-समृद्धि का आगमन होगा। विशेष रूप से पीले वस्त्र धारण कर श्रीहरि की पूजा करना और पीले व्यंजनों का भोग लगाना अत्यंत शुभकारी माना जाता है। गो सेवा और गरीबों को भोजन कराना भी इस दिन के पुण्य को बढ़ाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
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