

Shiv Dham Khunti: झारखंड की पवित्र भूमि पर स्थित बाबा आम्रेश्वर धाम एक ऐसा पावन तीर्थस्थल है, जहां भगवान शिव स्वयं प्रकट हुए थे। खूंटी में स्थित यह दिव्य धाम भक्तों की आस्था का केंद्र है, जिसके दर्शन मात्र से समस्त कष्ट दूर हो जाते हैं और उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
झारखंड का दिव्य Shiv Dham Khunti: जहां स्वयं प्रकट हुए महादेव
बाबा आम्रेश्वर धाम, Shiv Dham Khunti का आध्यात्मिक महत्व
बाबा आम्रेश्वर धाम झारखंड के खूंटी जिले में स्थित एक अत्यंत प्रसिद्ध और जागृत शिवधाम है। यह स्थल न केवल एक मंदिर है, बल्कि भक्तों की अगाध आस्था का एक जीवंत प्रतीक भी है। यहां विराजित **स्वयंभू शिवलिंग** का दर्शन अत्यंत दुर्लभ और पुण्यकारी माना जाता है। श्रावण (सावन) के पवित्र महीने में, देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु यहाँ आकर महादेव का जलाभिषेक करते हैं और अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। ऐसा माना जाता है कि बाबा आम्रेश्वर धाम में सच्चे हृदय से मांगी गई कोई भी प्रार्थना अनुत्तरित नहीं रहती, महादेव सबकी पुकार सुनते हैं। इस धाम की महिमा इतनी व्यापक है कि इसे “मिनी बाबा धाम” के नाम से भी जाना जाता है।
स्वयंभू शिवलिंग का प्रकटीकरण और महिमा
इस दिव्य धाम में विराजित **स्वयंभू शिवलिंग** के प्रकटीकरण की कथा भी अत्यंत रोचक और चमत्कारी है, जो पीढ़ियों से चली आ रही है। कहा जाता है कि बहुत समय पहले, यह स्थान घना जंगल था। एक चरवाहे ने देखा कि उसकी गाय एक विशेष स्थान पर आकर स्वतः ही दूध बहाने लगती थी। जिज्ञासावश, जब उसने उस स्थान की खुदाई की, तो उसे एक भव्य शिवलिंग के दर्शन हुए। यह चमत्कार देखकर गाँव वाले चकित रह गए और तभी से इस पवित्र स्थल पर महादेव की पूजा-अर्चना आरंभ हो गई। इसी अलौकिक घटना के कारण इस धाम को झारखंड का “मिनी बाबा धाम” भी कहा जाने लगा, जहां महादेव स्वयं अपने भक्तों को दर्शन देने के लिए प्रकट हुए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह महादेव की असीम कृपा का ही परिणाम है कि यह स्थान आज लाखों श्रद्धालुओं के लिए आशा और विश्वास का केंद्र बन चुका है।
निष्कर्ष और उपाय
बाबा आम्रेश्वर धाम केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत है जो हर भक्त को शांति और सकारात्मकता प्रदान करता है। यहां की पवित्र मिट्टी और **स्वयंभू शिवलिंग** का जल स्पर्श करने से जीवन के सभी क्लेश दूर हो जाते हैं और आत्मिक संतोष की प्राप्ति होती है। जो भी भक्त यहाँ आता है, वह महादेव की छत्रछाया में स्वयं को सुरक्षित और धन्य महसूस करता है। इस पावन धाम की यात्रा आपके जीवन में सुख, समृद्धि और शांति लाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें https://deshajtimes.com/news/dharm-adhyatm/


