



दिल्ली न्यूज़: बसंत का आगमन, प्रकृति का नवजीवन और ज्ञान की देवी सरस्वती की आराधना का पावन पर्व। हर साल माघ मास की शुक्ल पक्ष पंचमी को मनाया जाने वाला बसंत पंचमी का त्योहार, छात्रों, कलाकारों और किसानों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आता है। साल 2026 में यह शुभ तिथि कब पड़ रही है और सरस्वती पूजा का विशेष मुहूर्त क्या रहेगा— इसे लेकर उत्सुकता अपने चरम पर है।
बसंत पंचमी का त्योहार, भारतीय संस्कृति में एक विशेष स्थान रखता है। इसे श्री पंचमी और सरस्वती पूजा के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन ज्ञान, संगीत, कला और विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की जाती है। माना जाता है कि इसी दिन मां सरस्वती का जन्म हुआ था, जिसके चलते यह दिन विद्या आरंभ करने, कला सीखने और शुभ कार्य करने के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।
विद्यार्थियों और कलाकारों के लिए महत्व
यह पर्व विशेष रूप से विद्यार्थियों और कलाकारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। छात्र इस दिन अपनी पुस्तकों, कलम और संगीत वाद्ययंत्रों को मां सरस्वती के चरणों में रखकर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से ज्ञान में वृद्धि होती है और शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलती है। कलाकार अपनी कला साधना में निपुणता के लिए मां से प्रार्थना करते हैं।
किसानों के लिए खुशहाली का संकेत
केवल विद्यार्थी और कलाकार ही नहीं, बल्कि किसानों के लिए भी बसंत पंचमी का दिन खास है। यह पर्व सर्दियों के अंत और बसंत ऋतु के आगमन का सूचक है, जो नई फसल के मौसम की शुरुआत का प्रतीक है। खेतों में सरसों के पीले फूल खिल उठते हैं, जो प्रकृति की सुंदरता और समृद्धि का संदेश देते हैं। किसान इस दिन अपनी अच्छी फसल के लिए ईश्वर का धन्यवाद करते हैं और आने वाली फसल के लिए मंगल कामना करते हैं।
2026 में कब मनेगी बसंत पंचमी?
हिंदू पंचांग के अनुसार, बसंत पंचमी का त्योहार माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। हर साल की तरह, वर्ष 2026 में भी यह शुभ तिथि अपने निर्धारित समय पर आएगी। हालांकि, सटीक तिथि और सरस्वती पूजा के शुभ मुहूर्त के लिए अभी पंचांगीय गणनाओं और ज्योतिषीय विश्लेषण का इंतजार है। जैसे ही इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध होगी, इसे सभी के साथ साझा किया जाएगा ताकि श्रद्धालु अपनी पूजा की तैयारियां समय रहते कर सकें।


