
Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि का पावन अवसर सनातन धर्म में विशेष महत्व रखता है, और इस दौरान माँ वैष्णो देवी के धाम की यात्रा भक्तों के लिए परम पुण्यदायिनी सिद्ध होती है।
Chaitra Navratri 2026: वैष्णो देवी धाम का आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व
Chaitra Navratri 2026: त्रिकूट पर्वत पर विराजी माता रानी की महिमा
चैत्र नवरात्रि का पावन अवसर सनातन धर्म में विशेष महत्व रखता है, और इस दौरान माँ वैष्णो देवी के धाम की यात्रा भक्तों के लिए परम पुण्यदायिनी सिद्ध होती है। जम्मू-कश्मीर के त्रिकूट पर्वत पर स्थित यह पवित्र धाम सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। नवरात्रि के नौ दिनों में यहां का वातावरण दिव्यता से भर उठता है, जब देश-विदेश से भक्त माँ के दर्शनों के लिए उमड़ पड़ते हैं। यह एक ऐसा पावन शक्ति पीठ है जहां सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है, ऐसी लोकमान्यता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
वैष्णो देवी धाम की अलौकिक गाथा
माँ वैष्णो देवी को देवी महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती का सम्मिलित रूप माना जाता है। इस पवित्र गुफा के भीतर माँ पिंडी के रूप में विराजमान हैं, जिनके दर्शन मात्र से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, माँ वैष्णो देवी ने दुष्ट भैरवनाथ का संहार कर धर्म की रक्षा की थी। त्रिकूट पर्वत पर माता ने नौ माह तक तपस्या की थी और यहीं पर आदिशक्ति के विभिन्न रूप प्रकट हुए थे। यह धाम न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है बल्कि सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है, जहाँ हर धर्म और जाति के लोग एक साथ मिलकर माँ के जयकारे लगाते हैं। यह पावन शक्ति पीठ करोड़ों भक्तों की आस्था का केंद्र है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस दौरान, प्रशासन और स्वयंसेवक भक्तों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएँ करते हैं, जिससे यह तीर्थ यात्रा सुगम और सुरक्षित बन सके। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें।
नवरात्रि में वैष्णो देवी यात्रा का महत्व
चैत्र नवरात्रि के दिनों में वैष्णो देवी की यात्रा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इन दिनों में माँ की कृपा सहज ही प्राप्त होती है और भक्तों के जीवन में सुख-समृद्धि आती है। जो भक्त शारीरिक रूप से यात्रा करने में असमर्थ होते हैं, वे घर बैठे ही माँ का ध्यान कर आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। नवरात्रि के पावन पर्व पर माँ वैष्णो देवी के चरणों में शीश नवाकर जीवन को धन्य करें और माँ का आशीर्वाद प्राप्त करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

