back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 4, 2026
spot_img

चूहों का अनोखा मंदिर: जहाँ प्रसाद पहले इन्हें, फिर इंसानों को मिलता है

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
- Advertisement - Advertisement

बीकानेर, राजस्थान: भारत विविध संस्कृतियों और अनोखी मान्यताओं का देश है। यहाँ हर कोने में ऐसे मंदिर मौजूद हैं, जिनकी परंपराएं और कथाएं हैरान कर देने वाली हैं। ऐसी ही एक अद्भुत जगह है राजस्थान के बीकानेर में स्थित करणी माता का मंदिर, जिसे ‘चूहों वाला मंदिर’ के नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर की सबसे खास बात यह है कि यहाँ हज़ारों की संख्या में मौजूद चूहों को इंसानों से भी ज़्यादा अहमियत दी जाती है।

- Advertisement -

चूहों का वास, आस्था का आधार

- Advertisement -

करणी माता का यह प्राचीन मंदिर सफेद संगमरमर से निर्मित है और इसकी वास्तुकला भी काफी आकर्षक है। लेकिन मंदिर की असली पहचान यहाँ विचरण करने वाले हज़ारों काले चूहे हैं। इन चूहों को ‘काबा’ कहा जाता है और स्थानीय लोगों की इन पर गहरी आस्था है। मान्यता है कि ये चूहे देवी करणी माता के वंशज हैं। मंदिर में आने वाले भक्तों के लिए इन चूहों को पैर लगाना या चोट पहुँचाना घोर पाप माना जाता है।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Chandra Grahan 2026: होली से पहले खंडग्रास चंद्र ग्रहण, जानें सूतक और बदली होली की तिथि

प्रसाद पहले काबा को, फिर भक्तों को

इस मंदिर की एक और अनोखी परंपरा यह है कि यहाँ भक्तों द्वारा चढ़ाया गया प्रसाद सबसे पहले इन चूहों को खिलाया जाता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यदि कोई चूहा प्रसाद खा ले, तो वह शुभ होता है। प्रसाद वितरण की यह प्रथा मंदिर में आने वाले हर भक्त के लिए अनिवार्य है। प्रसाद ग्रहण करने के बाद ही भक्त स्वयं प्रसाद ग्रहण करते हैं।

शुभ-अशुभ का प्रतीक: सफ़ेद चूहे

मंदिर में पाए जाने वाले हज़ारों काले चूहों के बीच, सफ़ेद चूहे का दिखना बेहद दुर्लभ और अत्यंत शुभ माना जाता है। सफ़ेद चूहे को देवी करणी माता का ही रूप माना जाता है। यदि किसी भक्त को मंदिर परिसर में सफ़ेद चूहा दिख जाए, तो उसे देवी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है, ऐसा माना जाता है।

यह भी पढ़ें:  दुर्लभ Blood Moon 2026: तीन मार्च ...आज दिखेगा आखिरी पूर्ण चंद्रग्रहण का अद्भुत नजारा

पर्यटकों का आकर्षण केंद्र

यह मंदिर न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि बड़ी संख्या में पर्यटक भी यहाँ आते हैं। देश-विदेश से लोग इस अनोखे मंदिर को देखने और इसकी परंपराओं को जानने के लिए आते हैं। विशेषकर सर्दियों के मौसम में, जब मौसम सुहावना होता है, तब यहाँ पर्यटकों की आवाजाही बढ़ जाती है। करणी माता का मंदिर आस्था, परंपरा और प्रकृति के अद्भुत संगम का प्रतीक है, जो हर आगंतुक को एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करता है।

यह भी पढ़ें:  Chandra Grahan 2026: तिथि, समय और धार्मिक महत्व की संपूर्ण जानकारी

अन्य अनूठी मान्यताएं

  • मंदिर में चूहों की संख्या हज़ारों में है, फिर भी मंदिर परिसर में कोई दुर्गंध नहीं आती है।
  • यह मंदिर विशेषकर नवरात्रि के दौरान भक्तों से खचाखच भरा रहता है।
  • यहां आने वाले भक्तों के लिए चूहों को नुकसान पहुंचाना वर्जित है।
- Advertisement -

जरूर पढ़ें

आज का राशिफल: 04 मार्च 2026 का दैनिक भविष्यफल और ग्रह-नक्षत्रों का प्रभाव

Aaj Ka Rashifal: ब्रह्मांड की रहस्यमयी शक्तियां और ग्रहों की चाल हमारे जीवन पर...

04 मार्च 2026: बुधवार का विस्तृत पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्त

Aaj Ka Panchang: सनातन धर्म में प्रत्येक दिवस का अपना विशेष महत्व होता है।...

होली पर Smartphone Protection: अपने गैजेट्स को पानी और रंग से बचाने के धांसू तरीके

Smartphone Protection: होली के रंगों और पानी के बीच अपने महंगे स्मार्टफोन और ईयरबड्स...

अंकिता लोखंडे ने परिवार और दोस्तों संग मनाई शानदार होली, देखें वायरल तस्वीरें!

Ankita Lokhande News: टीवी की मशहूर अदाकारा अंकिता लोखंडे ने इस बार होली का...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें