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फ़रवरी, 13, 2026
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फाल्गुन अमावस्या 2026: पितरों का आशीर्वाद और ग्रह शांति के विशेष उपाय

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Falgun Amavasya 2026: सनातन धर्म में फाल्गुन अमावस्या का विशेष महत्व है, यह तिथि पितरों के तर्पण और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत पुण्यदायी मानी जाती है।

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फाल्गुन अमावस्या 2026: पितरों का आशीर्वाद और ग्रह शांति के विशेष उपाय

फाल्गुन अमावस्या 2026 पर करें ये विशेष कर्म

हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास की अमावस्या तिथि पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने और उनके आशीर्वाद प्राप्त करने का एक पावन अवसर है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस दिन विशेष रूप से पितरों के निमित्त तर्पण, श्राद्ध कर्म और दान-पुण्य करने से वे प्रसन्न होते हैं और अपने वंशजों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। यह दिन ग्रह शांति के उपायों के लिए भी श्रेष्ठ माना गया है।

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फाल्गुन अमावस्या का महत्व

फाल्गुन अमावस्या के दिन पवित्र नदियों में स्नान-दान का विशेष विधान है। इस पुण्यतिथि पर स्नान-दान करने से न केवल पितृ दोष शांत होता है, बल्कि जन्मकुंडली में व्याप्त कई अन्य ग्रह दोष भी दूर होते हैं। शास्त्रों में वर्णित है कि इस दिन किया गया एक छोटा सा दान भी कई गुना फल प्रदान करता है।

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फाल्गुन अमावस्या 2026 शुभ मुहूर्त

फाल्गुन अमावस्या तिथि: 17 फरवरी 2026, मंगलवार को है।

पर्वतिथिवारशुभ समय
फाल्गुन अमावस्या17 फरवरी 2026मंगलवारसूर्योदय से दिन भर

पूजा विधि और नियम

फाल्गुन अमावस्या के दिन कुछ विशेष नियमों का पालन करते हुए पूजा-पाठ करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है।

  • इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर पवित्र नदी में स्नान करें। यदि यह संभव न हो तो घर पर ही नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
  • स्नान के उपरांत सूर्य देव को अर्घ्य दें और अपने पितरों का स्मरण करते हुए हाथ जोड़ें।
  • पितरों की शांति के लिए तर्पण करें। इसके लिए तिल, जल और कुश का प्रयोग करें।
  • घर में शुद्ध भोजन बनाएं और कौवों, गाय तथा कुत्तों के लिए भोजन का अंश निकालें।
  • ब्राह्मणों को भोजन कराएं या यथाशक्ति दान दें। इसमें वस्त्र, अन्न और धन का दान शामिल हो सकता है।
  • पीपल के पेड़ की पूजा करें और दीपक जलाएं। पीपल में सभी देवताओं का वास माना जाता है।
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पितृ शांति मंत्र

इस दिन पितरों की शांति के लिए इन मंत्रों का जाप करना अत्यंत लाभकारी होता है:

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।
ॐ पितृभ्यो नमः।

इन मंत्रों के जाप से पितृ प्रसन्न होते हैं और परिवार में शांति व समृद्धि का वास होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/dharm-adhyatm/

निष्कर्ष और उपाय

फाल्गुन अमावस्या का दिन केवल पितरों के लिए ही नहीं, बल्कि स्वयं के आध्यात्मिक उत्थान के लिए भी महत्वपूर्ण है। इस दिन किए गए पुण्य कर्मों से व्यक्ति को मानसिक शांति, आरोग्य और सुखमय जीवन प्राप्त होता है। यदि आप किसी ग्रह दोष से पीड़ित हैं, तो इस दिन शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और “ॐ नमः शिवाय” का जाप करें। यह आपके जीवन से नकारात्मकता को दूर करने में सहायक होगा।

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