



Garud Puran: सनातन धर्म ग्रंथों में गरुड़ पुराण का विशेष स्थान है, जो व्यक्ति के कर्मों और उनके फल से जुड़ी गहरी शिक्षाएं प्रदान करता है। यह ग्रंथ न केवल जीवन जीने की सही राह दिखाता है, बल्कि मृत्यु के उपरांत आत्मा की यात्रा और विभिन्न नरकों की अवधारणा का भी विस्तार से वर्णन करता है। यह एक ऐसा पवित्र ग्रंथ है जिसकी शिक्षाएं हमें धर्म-पथ पर चलने के लिए प्रेरित करती हैं।
गरुड़ पुराण: पराई स्त्री से अवैध संबंध बनाने वालों को मिलती है ये भयानक सजा
गरुड़ पुराण में महिलाओं के प्रति कुदृष्टि रखने का दंड
गरुड़ पुराण: सनातन धर्म ग्रंथों में गरुड़ पुराण का विशेष स्थान है, जो व्यक्ति के कर्मों और उनके फल से जुड़ी गहरी शिक्षाएं प्रदान करता है। यह ग्रंथ न केवल जीवन जीने की सही राह दिखाता है, बल्कि मृत्यु के उपरांत आत्मा की यात्रा और विभिन्न नरकों की अवधारणा का भी विस्तार से वर्णन करता है। विशेषकर, यह उन पापों और उनके अत्यंत कठोर दंडों का उल्लेख करता है जो मनुष्य को अज्ञानवश या जानबूझकर करने पड़ते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। गरुड़ पुराण के अनुसार, जो पुरुष पराई स्त्री पर बुरी नियत रखता है या उससे अवैध संबंध स्थापित करता है, उसे मृत्यु के बाद भयंकर यातनाएं भुगतनी पड़ती हैं। यह कर्म फल इतना भयावह होता है कि जानकर किसी की भी रूह काँप उठेगी। ऐसे पापों का उल्लेख करते हुए गरुड़ पुराण हमें सदाचारी जीवन जीने की प्रेरणा देता है।
गरुड़ पुराण में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि जो व्यक्ति वासना के अधीन होकर किसी अन्य स्त्री से अनैतिक संबंध बनाता है, उसे अगले जन्म में भी नारकीय जीवन से गुजरना पड़ता है। ऐसे मनुष्यों को मृत्यु के बाद “महारौरव” नामक नरक में भेजा जाता है, जहाँ उन्हें लाखों-करोड़ों वर्षों तक भयानक कष्ट दिए जाते हैं। इन पापियों को खौलते तेल के कुंडों में डुबोया जाता है, तीखे अस्त्रों से उनके शरीर को छेदा जाता है और अन्य अनेक प्रकार से उन्हें पीड़ा पहुँचाई जाती है। यह दंड इतना कठोर होता है कि कल्पना मात्र से ही हृदय विचलित हो उठता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। गरुड़ पुराण की ये शिक्षाएं हमें सचेत करती हैं कि हमें सदैव नैतिक मूल्यों और मर्यादा का पालन करना चाहिए। जो व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता है, उसे अपने कर्म फल का भुगतान अवश्य करना पड़ता है।
धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें: धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें
गरुड़ पुराण में वर्णित ये कठोर दंड हमें यह सिखाते हैं कि हमें अपनी इंद्रियों पर नियंत्रण रखना चाहिए और पराई स्त्री को माता या बहन के समान मानना चाहिए। वासना और लोभ से मुक्त होकर ही हम एक पवित्र और धर्मपरायण जीवन जी सकते हैं। इन शिक्षाओं का अनुसरण कर हम न केवल इस लोक में सुख प्राप्त करते हैं, बल्कि परलोक में भी सद्गति को प्राप्त होते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अतः, प्रत्येक व्यक्ति को गरुड़ पुराण के इन सिद्धांतों का मनन करना चाहिए और अधर्म के मार्ग से दूर रहना चाहिए।

