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Aaj Ka Panchang: 9 फरवरी : जानकी जयंती और कालाष्टमी का अद्भुत संयोग… जानिए वैवाहिक जीवन और ग्रह-नक्षत्रों की चाल

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Aaj Ka Panchang: प्रत्येक दिवस विशेष होता है, और 9 फरवरी 2026, सोमवार का यह दिन तो धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज के पावन अवसर पर दो प्रमुख पर्वों, जानकी जयंती और कालाष्टमी, का अद्भुत संयोग बन रहा है, जो भक्तों के लिए विशेष फलदायी सिद्ध होगा।

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Aaj Ka Panchang: 9 फरवरी 2026 – जानकी जयंती और कालाष्टमी का पावन संगम

यह दिन माता सीता के जन्मोत्सव, जानकी जयंती, और भगवान शिव के रौद्र रूप, काल भैरव, की उपासना के लिए समर्पित कालाष्टमी का संगम है। जहां एक ओर जानकी जयंती पर माता सीता और भगवान राम का श्रद्धापूर्वक व्रत-पूजन करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और वैवाहिक जीवन की बाधाएं दूर होती हैं, वहीं कालाष्टमी के दिन अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति पाने के लिए काल भैरव की आराधना की जाती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस शुभ अवसर पर ग्रह-नक्षत्रों की चाल और शुभ मुहूर्त का ज्ञान अत्यंत आवश्यक है। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें: धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

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आज का पंचांग: शुभ-अशुभ मुहूर्त और विशेष योग

जानकी जयंती: पूजन विधि

  • प्रातःकाल उठकर स्नानादि कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • पूजा स्थल पर माता सीता और भगवान राम की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
  • संकल्प लें और फिर माता सीता को पीले वस्त्र, सिंदूर, पुष्प, फल, मिठाई अर्पित करें।
  • रामचरितमानस या सीता चालीसा का पाठ करें।
  • इस दिन व्रत रखने वाले भक्तों को माता सीता और भगवान राम का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

कालाष्टमी: पूजन विधि

  • सूर्योदय से पूर्व उठकर पवित्र नदी या जल से स्नान करें।
  • भगवान काल भैरव की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
  • दीपक जलाएं और उन्हें काले तिल, उड़द, तेल, सरसों का तेल, सिंदूर, नारियल और पुष्प अर्पित करें।
  • काल भैरव अष्टकम का पाठ करें।
  • इस दिन कुत्तों को भोजन कराना अत्यंत शुभ माना जाता है।

शुभ-अशुभ मुहूर्त ९ फरवरी २०२६

विवरणसमय
सूर्योदय०७:०० प्रातः
सूर्यास्त०६:०५ सायं
अभिजीत मुहूर्त१२:०५ दोपहर से १२:४८ दोपहर तक
राहुकाल०७:३० प्रातः से ०९:०० प्रातः तक
दिशा शूलपूर्व
चंद्रमावृश्चिक राशि में

मंत्र

जानकी जयंती पर माता सीता का स्मरण करते हुए इस मंत्र का जाप करें:

ॐ जनकनन्दिन्यै विद्महे, भूमिजायै धीमहि, तन्नो सीता प्रचोदयात्॥

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कालाष्टमी पर भगवान काल भैरव की स्तुति के लिए इस मंत्र का उच्चारण करें:

ॐ ह्रां ह्रीं ह्रूं ह्रां ह्रां ह्रीं ह्रूं ह्रूं ह्रं क्षं क्षेत्रपालाय नमः॥

निष्कर्ष एवं उपाय

इस प्रकार, ९ फरवरी २०२६ का यह सोमवार का दिन, जानकी जयंती और कालाष्टमी के पावन पर्वों के कारण विशेष पूजनीय है। इन दोनों पर्वों पर श्रद्धापूर्वक पूजन और व्रत करने से भक्तों को माता सीता से सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है, वहीं भगवान काल भैरव अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति दिलाते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इन पवित्र दिनों में दान-पुण्य और परोपकार के कार्य भी अत्यंत फलदायी होते हैं।

विशेष उपाय

जानकी जयंती पर सुहागन स्त्रियां माता सीता को सिंदूर अर्पित कर अपने पति की लंबी आयु और सौभाग्य की कामना कर सकती हैं। वहीं, कालाष्टमी पर काल भैरव मंदिर में दीपक जलाना और गरीब व असहाय लोगों को भोजन कराना अत्यंत शुभ माना जाता है।

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