
Kharmas Mein Daan
Kharmas Mein Daan: भारतीय ज्योतिष परंपरा में खरमास का समय अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। यह वह अवधि है जब सूर्य धनु राशि में गोचर करते हैं, और इस दौरान शुभ कार्यों को वर्जित माना जाता है। किंतु दान-पुण्य के लिए यह मास बेहद कल्याणकारी और फलदायी सिद्ध होता है।
खरमास में करें दान, पाएं जीवन में समृद्धि और शांति
खरमास के दौरान किसी भी प्रकार के नए और मांगलिक कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश आदि वर्जित होते हैं, परंतु दान-धर्म के कार्यों का विशेष विधान है। इस पुण्यकाल में किए गए दान से न केवल हमारे संचित कर्मों का फल शुभ होता है, बल्कि विभिन्न प्रकार के ग्रह दोष से भी मुक्ति मिलती है। ऐसा माना जाता है कि खरमास में श्रद्धापूर्वक दान करने से व्यक्ति के जीवन से दरिद्रता दूर होती है, करियर में आ रही बाधाएं समाप्त होती हैं और आर्थिक स्थिति में सुधार होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह समय विशेष रूप से उन लोगों के लिए फलदायी होता है जो किसी अज्ञात कारण से जीवन में परेशानियों का सामना कर रहे हैं। इस दौरान यदि आप सच्चे मन से जरूरतमंदों की सहायता करते हैं, तो श्री हरि विष्णु और सूर्यदेव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
खरमास में दान का महत्व
अन्न दान का महत्व
खरमास में अन्न का दान करना महापुण्यदायक माना गया है। गेहूं, चावल, दालें आदि किसी गरीब या ब्राह्मण को दान करने से घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती।
वस्त्र दान का महत्व
इस शीतल माह में गर्म वस्त्रों का दान करना अत्यंत शुभ होता है। कंबल, शॉल या ऊनी कपड़े दान करने से आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
घी के दान का महत्व
शुद्ध देसी घी का दान करने से आरोग्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। यह शुक्र ग्रह को भी मजबूत करता है।
तिल के दान का महत्व
खरमास में तिल का दान शनि और सूर्य दोनों ग्रहों की शांति के लिए उत्तम माना जाता है। इससे पितरों को भी शांति मिलती है।
गुड़ के दान का महत्व
गुड़ का दान सूर्य ग्रह को प्रसन्न करता है और जीवन में मिठास लाता है। यह धन-धान्य में वृद्धि करता है।
खरमास का यह पावन मास हमें स्वयं के अंदर झांकने और परोपकार के महत्व को समझने का अवसर प्रदान करता है। इस दौरान किए गए छोटे से छोटे दान का भी अत्यधिक महत्व होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। खरमास में दान के साथ-साथ भगवान सूर्य और श्री हरि विष्णु की उपासना भी विशेष फलदायी होती है। प्रतिदिन सूर्य को जल अर्पित करें और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें। ऐसा करने से जीवन में सकारात्मकता आती है और सभी बाधाएं दूर होती हैं। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें।


