back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 12, 2026
spot_img

क्या बड़ों के पैर छूने से घटता है पुण्य? प्रेमानंद महाराज ने किया बड़ा खुलासा

spot_img
- Advertisement -

वृद्धावस्था में बड़ों के पैर छूना एक आम भारतीय परंपरा है। यह बड़ों के प्रति सम्मान और स्नेह व्यक्त करने का एक तरीका है। हालाँकि, एक आम धारणा है कि ऐसा करने से बड़ों का पुण्य या उनके अच्छे कर्मों का फल कम हो सकता है। क्या इस धारणा में कोई सच्चाई है? आइए, प्रेमानंद महाराज के विचारों से इस विषय पर गहराई से जानें।

- Advertisement -

क्या पैर छूने से घटता है पुण्य?

यह विचार कि किसी के पैर छूने से उनके पुण्य में कमी आती है, एक प्रचलित मान्यता है। इस मान्यता के अनुसार, जब कोई छोटा व्यक्ति किसी बड़े व्यक्ति के पैर छूता है, तो वह बड़े व्यक्ति की ऊर्जा या पुण्य का कुछ हिस्सा अपने साथ ले जाता है। यह विचार कई लोगों के मन में दुविधा पैदा करता है कि क्या उन्हें अपने बड़ों के पैर छूने चाहिए या नहीं।

- Advertisement -

प्रेमानंद महाराज का दृष्टिकोण

प्रेमानंद महाराज, जो आध्यात्मिक प्रवचनों के लिए जाने जाते हैं, ने इस आम धारणा पर अपना दृष्टिकोण स्पष्ट किया है। उन्होंने समझाया कि बड़ों के पैर छूना केवल एक शारीरिक क्रिया नहीं है, बल्कि यह गहरे सम्मान, स्नेह और कृतज्ञता का प्रतीक है। यह परंपरा पीढ़ीगत ज्ञान और मूल्यों के हस्तांतरण को भी दर्शाती है।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  जया किशोरी के दिव्य प्रवचन: जीवन को सही दिशा देता है Jaya Kishori Message

महाराज के अनुसार, किसी के पैर छूने से पुण्य कम होने की धारणा निराधार है। बल्कि, यह एक आदान-प्रदान है जहां आशीर्वाद और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। जब आप किसी बड़े के पैर छूते हैं, तो आप न केवल उनका सम्मान करते हैं, बल्कि आप उनकी प्रार्थनाओं और आशीर्वाद को भी ग्रहण करते हैं। यह क्रिया बड़े व्यक्ति के लिए भी संतोष और खुशी का स्रोत हो सकती है, जिससे सकारात्मकता का संचार बढ़ता है।

परंपरा का महत्व

भारतीय संस्कृति में, बड़ों का आदर सर्वोपरि है। पैर छूना उस आदर को व्यक्त करने का एक पारंपरिक तरीका है। यह न केवल रिश्ते को मजबूत करता है, बल्कि यह युवा पीढ़ी को विनम्रता और कृतज्ञता का पाठ भी पढ़ाता है। प्रेमानंद महाराज ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसी परंपराओं को बनाए रखना महत्वपूर्ण है क्योंकि वे सामाजिक और आध्यात्मिक ताने-बाने को मजबूत करती हैं।

अतः, यह समझ लेना महत्वपूर्ण है कि बड़ों के पैर छूने से उनका पुण्य कम नहीं होता, बल्कि यह एक पवित्र आदान-प्रदान है जो आपसी प्रेम, सम्मान और आशीर्वाद को बढ़ाता है।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

सीटीईटी आंसर की: सीबीएसई ने जारी की सीटीईटी 2026 फरवरी सत्र की आंसर की, ऐसे करें डाउनलोड और आपत्ति दर्ज

CTET Answer Key: शिक्षक बनने का सपना देख रहे हजारों अभ्यर्थियों के लिए केंद्रीय...

कैंची धाम में गूंजा विशाल मिश्रा का नाम: सिंगर ने साझा किए रूहानी अनुभव

बॉलीवुड के मशहूर सिंगर विशाल मिश्रा इन दिनों अपनी मधुर आवाज से नहीं, बल्कि...

रिश्ते में मधुरता लाएं ये Vastu Tips

Vastu Tips: गृहस्थ जीवन में प्रेम और सौहार्द बनाए रखना किसी तपस्या से कम...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें