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मार्च, 6, 2026
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लोहड़ी 2026: अग्नि में अर्पित करें ये खास वस्तुएं, मिलेगी सुख-समृद्धि

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Lohri 2026: माघ मास में आने वाला लोहड़ी का पावन पर्व, जो नव-फसल और शीत ऋतु के आगमन का सूचक है, इस वर्ष 13 जनवरी को अत्यंत श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। यह अग्नि और सूर्य देव के प्रति आभार प्रकट करने का दिन है, जो जीवन में ऊष्मा और समृद्धि लाते हैं।

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लोहड़ी 2026: अग्नि में अर्पित करें ये खास वस्तुएं, मिलेगी सुख-समृद्धि

Lohri 2026: माघ मास में आने वाला लोहड़ी का पावन पर्व, जो नव-फसल और शीत ऋतु के आगमन का सूचक है, इस वर्ष 13 जनवरी को अत्यंत श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। यह अग्नि और सूर्य देव के प्रति आभार प्रकट करने का दिन है, जो जीवन में ऊष्मा और समृद्धि लाते हैं। इस पवित्र अवसर पर अग्नि प्रज्वलित कर उसमें कुछ विशेष वस्तुएं अर्पित करने की सदियों पुरानी परंपरा है। माना जाता है कि ऐसा करने से जीवन में खुशहाली आती है और घर-परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें: धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

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लोहड़ी 2026 पर अग्नि को क्या अर्पित करें?

लोहड़ी के पावन पर्व पर अग्नि में निम्नलिखित वस्तुएं अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है:

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  • तिल (Sesame Seeds): अग्नि में तिल अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह शुक्र और शनि ग्रहों को शांत करता है तथा जीवन में सुख-शांति लाता है।
  • गुड़ (Jaggery): गुड़ की मिठास जीवन में मधुरता घोलती है। इसे अग्नि को समर्पित करने से सभी कष्ट दूर होते हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
  • मूंगफली (Peanuts): मूंगफली का भोग लगाने से पारिवारिक संबंध मजबूत होते हैं और आपसी प्रेम बढ़ता है। यह समृद्धि का प्रतीक है।
  • मक्के के दाने (Popcorn/Corn Kernels): मक्के के दाने, जिन्हें ‘होला’ भी कहते हैं, नई फसल का प्रतीक हैं। इन्हें अग्नि में डालने से घर में अन्न और धन की कमी नहीं होती।
यह भी पढ़ें:  शीतला अष्टमी 2026: बासोड़ा व्रत का महत्व और पूजन विधि

लोहड़ी पर्व का महत्व

लोहड़ी का त्योहार मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में धूमधाम से मनाया जाता है। यह मकर संक्रांति से एक दिन पहले आता है और शीत ऋतु की समाप्ति तथा नई फसल के आगमन का प्रतीक है। इस दिन लोग अग्नि के चारों ओर एकत्रित होकर लोकगीत गाते हैं और अग्नि में रेवड़ी, मूंगफली, गजक आदि डालते हैं। यह पर्व अग्नि, सूर्य देव और प्रकृति का आभार व्यक्त करने का एक सुंदर तरीका है।

इन पवित्र वस्तुओं को लोहड़ी की अग्नि में अर्पित करने से न केवल जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, बल्कि धन-धान्य और खुशियों की भी वृद्धि होती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, जो आपको ऐसे ही पावन पर्वों की विस्तृत जानकारी प्रदान करता है। लोहड़ी के इस पावन अवसर पर सभी भक्तजन इन परंपराओं का पालन कर अपने जीवन को सुखमय बनाएं। यह प्राचीन परंपरा हमें प्रकृति के करीब लाती है और सामूहिक सौहार्द का संदेश देती है।

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