back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 6, 2026
spot_img

Magh Amavasya 2026: मौनी अमावस्या का महत्व, तिथि और पितरों के लिए विशेष उपाय

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
- Advertisement - Advertisement

Magh Amavasya 2026: सनातन धर्म में माघ मास को अत्यंत पवित्र और मोक्षदायिनी माना गया है, और इसी मास की अमावस्या तिथि को माघ अमावस्या अथवा मौनी अमावस्या के नाम से जाना जाता है। यह तिथि स्नान, दान, पितृ तर्पण और आत्मशुद्धि के लिए सर्वश्रेष्ठ मानी गई है, जिस पर किए गए पुण्य कर्मों का फल अनंत गुना होकर मिलता है।

- Advertisement -

Magh Amavasya 2026: मौनी अमावस्या का महत्व, तिथि और पितरों के लिए विशेष उपाय

Magh Amavasya 2026: पितृ तर्पण और दान का विशेष महत्व

सनातन धर्म में माघ मास को अत्यंत पवित्र और मोक्षदायिनी माना गया है, और इसी मास की अमावस्या तिथि को माघ अमावस्या अथवा मौनी अमावस्या के नाम से जाना जाता है। यह तिथि स्नान, दान, पितृ तर्पण और आत्मशुद्धि के लिए सर्वश्रेष्ठ मानी गई है, जिस पर किए गए पुण्य कर्मों का फल अनंत गुना होकर मिलता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन मौन रहकर पवित्र नदियों में स्नान करने से व्यक्ति पापों से मुक्ति पाता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस दिन किए गए स्नान-दान से न केवल वर्तमान जीवन के कष्ट दूर होते हैं, बल्कि पितरों को भी शांति मिलती है। पितृ तर्पण के लिए यह दिन अत्यंत शुभ माना जाता है, जिससे पितृ दोषों का निवारण होता है। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें: धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

- Advertisement -

मौनी अमावस्या 2026 की तिथि और शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में माघ अमावस्या तिथि का आरंभ और समापन इस प्रकार रहेगा:

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  चैत्र मास के प्रमुख पर्व और Chaitra Month Festivals: नववर्ष का आध्यात्मिक आरंभ
विवरणसमय
अमावस्या तिथि आरंभशुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को दोपहर 12:45 बजे
अमावस्या तिथि समाप्तशनिवार, 17 जनवरी 2026 को सुबह 09:20 बजे

उदया तिथि के अनुसार, माघ अमावस्या का स्नान-दान 17 जनवरी 2026, शनिवार को किया जाएगा।

माघ अमावस्या का महत्व
सनातन धर्म में माघ अमावस्या को मौनी अमावस्या भी कहा जाता है। इस दिन गंगा, यमुना या अन्य किसी पवित्र नदी में स्नान करने का विशेष विधान है। मान्यता है कि इस दिन ऋषि-मुनि मौन व्रत धारण कर भगवान विष्णु की आराधना करते हैं, जिससे मन, वचन और कर्म की शुद्धता प्राप्त होती है। इस दिन स्नान-दान से ग्रह दोषों का शमन होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

माघ अमावस्या पूजा विधि
माघ अमावस्या के दिन कुछ विशेष नियमों का पालन करते हुए पूजा-पाठ करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है:

  • अमावस्या के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर किसी पवित्र नदी, सरोवर या घर पर ही गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
  • स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें और सूर्यदेव को अर्घ्य दें।
  • पितरों के निमित्त तर्पण और श्राद्ध कर्म करें। जल, काले तिल, दूध और कुश से तर्पण करना शुभ माना जाता है।
  • जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन का दान करें। गौ दान का भी विशेष महत्व बताया गया है।
  • पीपल के वृक्ष की पूजा करें और दीपक प्रज्वलित करें। पीपल में सभी देवी-देवताओं का वास माना जाता है।
  • इस दिन मौन व्रत का पालन करने का विशेष विधान है, जिससे मानसिक शांति मिलती है।
यह भी पढ़ें:  चैत्र मास 2026: हिन्दू नववर्ष का पावन आरंभ और आध्यात्मिक पर्व

पितृ दोष निवारण के लिए मंत्र
माघ अमावस्या पर पितरों की शांति और पितृ दोष से मुक्ति के लिए इन मंत्रों का जाप करना अत्यंत लाभकारी होता है:

ॐ सर्व पितृ देवताभ्यो नमः।

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः।

पितृभ्यो नमः।

माघ अमावस्या पर करें ये उपाय
माघ अमावस्या का दिन केवल पितृ तर्पण के लिए ही नहीं, बल्कि विभिन्न प्रकार के कष्टों से मुक्ति पाने और शुभ फल प्राप्त करने के लिए भी महत्वपूर्ण है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

  • गरीबों को दान: इस दिन गरीबों और ब्राह्मणों को भोजन कराने, वस्त्र दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।
  • पीपल वृक्ष की पूजा: पीपल के पेड़ पर जल अर्पित करें और सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इससे पितृ प्रसन्न होते हैं।
  • गाय को चारा: गाय को हरा चारा खिलाने से देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
  • शनि देव को प्रसन्न करें: अमावस्या तिथि पर शनिदेव की पूजा करने और सरसों के तेल का दीपक जलाने से शनि दोषों से मुक्ति मिलती है।
यह भी पढ़ें:  आज का पंचांग: 06 मार्च 2026, शुक्रवार

निष्कर्ष
माघ अमावस्या एक ऐसा पवित्र दिन है जो हमें अपने पूर्वजों को याद करने, उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और पुण्य कर्मों द्वारा अपने जीवन को शुद्ध करने का अवसर प्रदान करता है। इस दिन विधि-विधान से किए गए कार्य निश्चित रूप से हमें मानसिक शांति, समृद्धि और पितरों का आशीर्वाद दिलाते हैं।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

आज का Horoscope Today: 06 मार्च 2026 को कौन सी राशियाँ रहेंगी भाग्यशाली?

Horoscope Today: ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर प्रत्येक दिवस ग्रहों की स्थिति और नक्षत्रों...

आज का पंचांग: 06 मार्च 2026, शुक्रवार

Aaj Ka Panchang: सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य को प्रारंभ करने से...

नथिंग फोन 4ए प्रो बनाम रेडमी नोट 15 प्रो प्लस: कौन सा स्मार्टफोन आपके लिए बेहतर?

Smartphone Comparison: जब बात आती है बजट में बेहतरीन फ्लैगशिप स्मार्टफोन चुनने की, तो...

Ranbir Kapoor Alia Bhatt News: राहा के साथ मैच देखने पहुंचे रणबीर और आलिया, बेटी की क्यूटनेस ने लूटा सबका दिल!

Ranbir Kapoor Alia Bhatt: मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में हुए भारत और इंग्लैंड के...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें