

Mahashivratri 2026: फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी को पड़ने वाली महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह उत्सव के रूप में मनाया जाता है। यह दिन भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है, जब वे शिव-पार्वती की आराधना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इस वर्ष, महाशिवरात्रि 2026 के अवसर पर ग्रहों की विशेष स्थिति के कारण एक अत्यंत शुभ लक्ष्मी नारायण राजयोग का निर्माण हो रहा है, जिसका विभिन्न राशियों पर गहरा और सकारात्मक प्रभाव पड़ने वाला है। इस पावन अवसर पर शिव कृपा से कई जातकों के जीवन में सुख-समृद्धि और शांति का आगमन हो सकता है।
# महाशिवरात्रि 2026: शिव कृपा से बन रहा लक्ष्मी नारायण राजयोग, जानें इसका राशियों पर प्रभाव
## महाशिवरात्रि 2026 पर लक्ष्मी नारायण राजयोग का महत्व
इस महाशिवरात्रि के पुण्य अवसर पर ग्रह-नक्षत्रों के विशेष संयोग से लक्ष्मी नारायण राजयोग का अद्भुत निर्माण हो रहा है। यह राजयोग तब बनता है जब बुध और शुक्र ग्रह एक साथ युति करते हैं या विशेष स्थिति में होते हैं। बुध को भगवान विष्णु का स्वरूप और बुद्धि का कारक माना जाता है, वहीं शुक्र ग्रह देवी लक्ष्मी का प्रतिनिधित्व करते हुए भौतिक सुख, समृद्धि और प्रेम का कारक हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इन दोनों ग्रहों का यह दुर्लभ संयोजन आध्यात्मिक उन्नति के साथ-साथ भौतिक सुख-समृद्धि और धन लाभ के भी प्रबल योग बनाता है। इस दिन भगवान शिव की आराधना के साथ-साथ यह विशेष राजयोग भी भक्तों के जीवन में नई आशा और ऊर्जा का संचार करेगा। यह योग विभिन्न राशि के जातकों के लिए धन, व्यापार, संबंधों और आध्यात्मिक प्रगति के नए द्वार खोल सकता है।
**महाशिवरात्रि 2026 पूजा विधि**
महाशिवरात्रि पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा विशेष विधि से करनी चाहिए ताकि इस शुभ लक्ष्मी नारायण राजयोग का पूर्ण लाभ प्राप्त हो सके:
* प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
* शिव मंदिर जाकर या घर पर ही शिवलिंग स्थापित कर पूजा का संकल्प लें।
* शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद, शक्कर, इत्र, चंदन आदि से अभिषेक करें।
* बेलपत्र, धतूरा, भांग, शमी पत्र, आक के फूल, कनेर के फूल, सफेद पुष्प आदि चढ़ाएं।
* धूप, दीप जलाकर भगवान शिव की आरती करें।
* माता पार्वती को सुहाग का सामान अर्पित करें।
* भगवान शिव को भोग लगाएं।
* पूरी रात्रि जागरण कर शिव भजन और मंत्र जाप करें।
**महाशिवरात्रि 2026 शुभ मुहूर्त**
फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि:
प्रारम्भ: 13 फरवरी 2026, प्रातः 08:32 बजे से
समाप्त: 14 फरवरी 2026, प्रातः 07:44 बजे तक
| पूजा प्रहर | समय (13-14 फरवरी 2026) |
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| रात्रि प्रथम प्रहर | 13 फरवरी, सायं 06:25 बजे से रात्रि 09:30 बजे तक |
| रात्रि द्वितीय प्रहर | 13 फरवरी, रात्रि 09:30 बजे से मध्यरात्रि 12:34 बजे तक |
| रात्रि तृतीय प्रहर | 14 फरवरी, मध्यरात्रि 12:34 बजे से प्रातः 03:38 बजे तक |
| रात्रि चतुर्थ प्रहर | 14 फरवरी, प्रातः 03:38 बजे से सुबह 06:42 बजे तक |
| निशिता काल पूजा | 14 फरवरी, मध्यरात्रि 12:09 बजे से मध्यरात्रि 01:01 बजे तक |
| व्रत पारण मुहूर्त | 14 फरवरी, प्रातः 06:42 बजे से दोपहर 03:43 बजे तक |
**मंत्र जाप**
महाशिवरात्रि के दिन इन मंत्रों का जाप करने से भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है, और लक्ष्मी नारायण राजयोग के शुभ प्रभाव और भी बढ़ जाते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
> ॐ नमः शिवाय॥
> महामृत्युंजय मंत्र: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
**लक्ष्मी नारायण राजयोग का राशियों पर प्रभाव**
इस महाशिवरात्रि 2026 पर बन रहे लक्ष्मी नारायण राजयोग का सभी 12 राशियों पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। यह योग धन, समृद्धि, प्रेम और आध्यात्मिक शांति ला सकता है।
* **मेष राशि:** आपके लिए यह योग अप्रत्याशित धन लाभ और व्यावसायिक सफलता के मार्ग खोलेगा। संबंधों में मधुरता आएगी और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
* **वृषभ राशि:** कला और रचनात्मकता के क्षेत्र से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और परिवार में खुशहाली का माहौल रहेगा।
* **मिथुन राशि:** व्यापार और साझेदारी में उन्नति होगी। नए व्यावसायिक अवसर प्राप्त होंगे और सामाजिक दायरे में वृद्धि होगी। आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी।
* **कर्क राशि:** करियर में तरक्की और पदोन्नति के योग बनेंगे। आपको पैतृक संपत्ति से लाभ मिल सकता है और आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
* **सिंह राशि:** भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। उच्च शिक्षा और विदेश यात्रा के योग बन सकते हैं। आध्यात्मिक ज्ञान में वृद्धि होगी और मान-सम्मान बढ़ेगा।
* **कन्या राशि:** आकस्मिक धन लाभ और गुप्त स्रोतों से आय प्राप्त हो सकती है। शोध कार्यों से जुड़े जातकों को सफलता मिलेगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
* **तुला राशि:** वैवाहिक जीवन में सुख और समृद्धि बढ़ेगी। व्यापार में नए समझौते होंगे और साझेदारी के कार्यों में सफलता मिलेगी। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी।
* **वृश्चिक राशि:** शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी और कानूनी मामलों में सफलता मिलेगी। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या वेतन वृद्धि का लाभ मिल सकता है।
* **धनु राशि:** संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलेगा। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे। प्रेम संबंधों में सफलता और कलात्मक कार्यों में प्रसिद्धि मिलेगी।
* **मकर राशि:** भूमि, भवन और वाहन सुख की प्राप्ति हो सकती है। पारिवारिक सुख में वृद्धि होगी और माता का स्वास्थ्य बेहतर होगा। घर में शुभ कार्य हो सकते हैं।
* **कुंभ राशि:** यात्राओं से लाभ मिलेगा। संचार और लेखन के क्षेत्र से जुड़े जातकों को सफलता मिलेगी। छोटे भाई-बहनों से संबंध मधुर होंगे। आत्मविश्वास बढ़ेगा।
* **मीन राशि:** आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत होगी। धन संचय में सफलता मिलेगी और वाणी में मिठास आएगी। पैतृक संपत्ति से भी लाभ के योग बन रहे हैं।
**निष्कर्ष एवं उपाय**
महाशिवरात्रि 2026 पर लक्ष्मी नारायण राजयोग का बनना एक दिव्य संकेत है, जो सभी के लिए शुभता और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना करने से न केवल यह राजयोग और भी प्रभावी होगा, बल्कि जीवन के सभी कष्ट दूर होकर सुख-शांति का वास होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस दिन रुद्राभिषेक, शिव चालीसा का पाठ और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप विशेष फलदायी होता है। भगवान शिव को बेलपत्र अर्पित करते समय अपनी मनोकामना व्यक्त करें। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें: धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें।


