



Mahashivratri: हिन्दू धर्म में महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव और देवी पार्वती के विवाह उत्सव के रूप में मनाया जाता है। यह दिन भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस पावन अवसर पर भक्तगण महादेव को प्रसन्न करने के लिए विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। परंतु, शिव पूजा में सही वस्तुओं का अर्पण करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न हों और आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करें। आइए जानते हैं कि इस दिन शिवलिंग पर किन वस्तुओं को अर्पित करना शुभ माना जाता है और किनसे बचना चाहिए, ताकि आपकी पूजा निर्विघ्न संपन्न हो।
महाशिवरात्रि 2026: महादेव को प्रसन्न करने की सही विधि
महाशिवरात्रि पर क्या चढ़ाएं और क्या नहीं
महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर भगवान शिव की पूजा में शुद्धता और सही विधि का विशेष महत्व है। महादेव को प्रसन्न करने के लिए उनकी प्रिय वस्तुएं अर्पित करनी चाहिए। गलत वस्तुएं चढ़ाने से पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यहाँ हम आपको बता रहे हैं कि महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर क्या चढ़ाना चाहिए और क्या नहीं:
शिवलिंग पर अर्पित करने योग्य वस्तुएं:
- जल: भगवान शिव को जल अति प्रिय है। विशेषकर गंगाजल से अभिषेक करने पर सभी पाप धुल जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
- दूध, दही, घी, शहद, शक्कर (पंचामृत): इन पांच पवित्र द्रव्यों से बने पंचामृत से अभिषेक करने पर भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।
- बिल्वपत्र: तीन पत्तियों वाला बिल्वपत्र शिवजी को बहुत प्रिय है। इसे अर्पित करने से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं। बिल्वपत्र चढ़ाते समय ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें।
- धतूरा और भांग: भगवान शिव को धतूरा और भांग अर्पित करना शुभ माना जाता है। यह उन्हें शीतलता प्रदान करता है।
- बेर: महाशिवरात्रि पर बेर अर्पित करना शुभ माना जाता है क्योंकि शिवजी को यह प्रिय है।
- मदार के फूल: श्वेत रंग के मदार के फूल भगवान शिव को अर्पित करने से वे प्रसन्न होते हैं।
- अक्षत (साबुत चावल): स्वच्छ और साबुत चावल भगवान शिव को चढ़ाने से धन-धान्य की वृद्धि होती है।
- चंदन: चंदन से शिवलिंग का लेप करने से शीतलता मिलती है और भक्त को मानसिक शांति प्राप्त होती है।
- भस्म: भस्म भगवान शिव का अभिन्न अंग है। इसे अर्पित करने से वे प्रसन्न होते हैं।
- रुद्राक्ष: रुद्राक्ष शिव का स्वरूप माना जाता है। इसे शिवलिंग पर अर्पित करना अत्यंत शुभ फलदायी होता है।
- फल और मिठाई: मौसमी फल और शुद्ध मिठाई का भोग लगाएं।
शिवलिंग पर भूलकर भी न चढ़ाएं ये वस्तुएं:
- तुलसी दल: भगवान शिव को तुलसी दल अर्पित नहीं करना चाहिए, क्योंकि तुलसी भगवान विष्णु को प्रिय हैं और शंखचूड़ राक्षस से संबंधित एक कथा के कारण यह शिवजी को अप्रिय है।
- हल्दी: हल्दी स्त्रियों द्वारा शुभ मानी जाती है और शिवजी वैरागी हैं, इसलिए हल्दी शिवलिंग पर नहीं चढ़ाई जाती।
- कुमकुम/सिंदूर: कुमकुम या सिंदूर सुहाग का प्रतीक है और यह देवी पार्वती को अर्पित किया जाता है, न कि शिवलिंग को।
- शंख से जल: भगवान शिव ने शंखचूड़ राक्षस का वध किया था, इसलिए शंख से शिवलिंग पर जल नहीं चढ़ाया जाता है।
- केतकी के फूल: ब्रह्माजी और विष्णुजी के बीच हुए विवाद में केतकी के फूल ने झूठ का साथ दिया था, इसलिए शिवजी ने इन्हें अपनी पूजा से वर्जित कर दिया था।
यह ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है कि सही विधि से शिवलिंग की पूजा करने से और शुद्ध मन से अर्पित की गई वस्तुएं ही फलदायी होती हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1 की ओर से। भगवान शिव अपनी साधारण पूजा से भी प्रसन्न हो जाते हैं, बशर्ते वह सच्ची श्रद्धा से की गई हो। इस महाशिवरात्रि पर इन नियमों का पालन कर आप महादेव का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।
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