
Makar Sankranti 2026: सनातन धर्म में मकर संक्रांति का पावन पर्व सूर्य देव को समर्पित है, किंतु यह दिन शनि दोष से पीड़ित जातकों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन किए गए विशेष उपाय और शनिदेव के मंत्रों का जाप व्यक्ति के जीवन से कष्टों को दूर कर सुख-समृद्धि प्रदान करता है।
मकर संक्रांति 2026: शनिदेव की कृपा पाने के लिए करें इन शक्तिशाली मंत्रों का जाप
मकर संक्रांति 2026 पर शनि के प्रकोप से मुक्ति के उपाय
हिंदू पंचांग के अनुसार, मकर संक्रांति का पर्व ग्रहों के राजा सूर्यदेव के मकर राशि में प्रवेश करने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। यह दिन दान-पुण्य और स्नान के लिए विशेष फलदायी होता है। ज्योतिष शास्त्र में यह भी मान्यता है कि इस पवित्र तिथि पर शनिदेव की उपासना करने से साढ़े साती और ढैय्या के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। विशेषकर वे जातक जो शनि की महादशा या अंतर्दशा से गुजर रहे हैं, उन्हें मकर संक्रांति पर शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए इन शक्तिशाली मंत्रों का जाप अवश्य करना चाहिए। यह न केवल शनि के अशुभ प्रभावों को शांत करता है, बल्कि जीवन में शांति और स्थिरता भी लाता है। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें।
शनिदेव के शक्तिशाली मंत्र:
शनि का वैदिक मंत्र:
ॐ शं नो देवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये। शं योरभिस्रवन्तु नः।।
शनि का तांत्रिक मंत्र:
ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
शनि गायत्री मंत्र:
ॐ भगभवाय विद्महे मृत्युरूपाय धीमहि तन्नो शनिः प्रचोदयात्।।
शनि महामृत्युंजय मंत्र:
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।।
शनि बीज मंत्र:
ॐ शं शनैश्चराय नमः।।
मकर संक्रांति के इस पावन अवसर पर इन मंत्रों का जाप करने से व्यक्ति को शनि के कुप्रभावों से मुक्ति मिलती है। यह जाप श्रद्धापूर्वक और पूर्ण विश्वास के साथ करना चाहिए। इन मंत्रों के साथ-साथ, शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए तिल, उड़द, काले वस्त्र और सरसों के तेल का दान करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। ऐसा करने से शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। स्मरण रहे, शनिदेव न्याय के देवता हैं और वे कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं, इसलिए सदाचरण का पालन करना भी अत्यंत आवश्यक है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





