Margashirsha Purnima 2025 @नई दिल्ली: हिंदू धर्म में प्रत्येक पूर्णिमा का अपना विशेष महत्व होता है, और इसी कड़ी में आज 4 दिसंबर, गुरुवार को मार्गशीर्ष पूर्णिमा का पावन पर्व मनाया जा रहा है। यह साल की आखिरी पूर्णिमा है, जिसे बत्तीसी पूर्णिमा और अगहन पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है।
इस विशेष दिन पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा-अर्चना करने का अत्यधिक महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करना और जरूरतमंदों को दान देना भी बेहद शुभ फलदायी होता है।
Margashirsha Purnima 2025: मार्गशीर्ष पूर्णिमा का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मार्गशीर्ष मास को अत्यंत पवित्र माना जाता है, और इस मास की पूर्णिमा का समापन विशेष रूप से फलदायी होता है। इस दिन किए गए स्नान, दान और तप का अक्षय पुण्य प्राप्त होता है।
भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए इस दिन उनकी और धन की देवी माता लक्ष्मी की विशेष पूजा की जाती है। ऐसा माना जाता है कि विधि-विधान से पूजा करने पर घर में सुख-समृद्धि और धन का आगमन होता है।
शुभ मुहूर्त और उपाय
पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर किसी पवित्र नदी में स्नान करना अत्यंत शुभ होता है। यदि ऐसा संभव न हो तो घर पर ही गंगाजल मिलाकर स्नान किया जा सकता है। स्नान के पश्चात, स्वच्छ वस्त्र धारण कर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर के समक्ष बैठकर व्रत का संकल्प लें और विधि-विधान से पूजा करें।
पूजा में भगवान विष्णु को पीला वस्त्र, पीले फूल, चंदन आदि अर्पित करें और माता लक्ष्मी को लाल वस्त्र, कमल का फूल, और श्रृंगार सामग्री चढ़ाएं। इसके बाद, भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें और सत्यनारायण की कथा का श्रवण करें। अंत में, गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान अवश्य करें।
ऐसा माना जाता है कि इस दिन किए गए दान से सभी कष्ट दूर होते हैं और भाग्य खुल जाता है।
Margashirsha Purnima 2025: राशि अनुसार उपाय
कुछ विशेष उपायों को करने से विभिन्न राशियों के जातकों को लाभ मिल सकता है:
- मेष राशि: गुड़ और चने का दान करें।
- वृषभ राशि: सफेद वस्त्र या चांदी का दान करें।
- मिथुन राशि: हरी मूंग दाल या श्रुतियों का दान करें।
- कर्क राशि: चांदी या चावल का दान करें।
- सिंह राशि: तांबे के पात्र या गेहूं का दान करें।
- कन्या राशि: हरी सब्जियों या श्रुतियों का दान करें।
- तुला राशि: सफेद वस्त्र या इत्र का दान करें।
- वृश्चिक राशि: तांबे के पात्र या गुड़ का दान करें।
- धनु राशि: चने की दाल या पीले वस्त्र का दान करें।
- मकर राशि: काले तिल या कंबल का दान करें।
- कुंभ राशि: लोहे के बर्तन या तिल का दान करें।
- मीन राशि: चने की दाल या पीले वस्त्र का दान करें।
यह दिन भगवान की कृपा प्राप्त करने और जीवन में सकारात्मकता लाने का एक उत्तम अवसर है।






