
नई दिल्ली: मार्गशीर्ष पूर्णिमा का पर्व 2025 में विशेष महत्व रखता है। इस दिन भगवान नारायण, माता लक्ष्मी और चंद्र देव की पूजा का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन सच्चे मन से पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
तुलसी पूजन का विशेष महत्व
मार्गशीर्ष पूर्णिमा के अवसर पर तुलसी जी का पूजन अत्यंत शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन तुलसी जी की पूजा करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
तुलसी चालीसा का पाठ
मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन पूजा के पश्चात तुलसी चालीसा का पाठ करना विशेष रूप से फलदायी होता है। तुलसी चालीसा के पाठ से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और दरिद्रता दूर होती है।
तुलसी चालीसा के बोल
यहाँ तुलसी चालीसा के लिरिक्स दिए गए हैं, जिनका पाठ करके आप इस पूर्णिमा के पुण्य का लाभ उठा सकते हैं:
॥ दोहा ॥
मासिक शिवरात्रि व्रत कथा…
॥ चौपाई ॥
श्री तुलसि श्री महादेव, श्री विस्नु प्रिय नमो नमः।
श्री कृष्ण जीवन, धन सम्पत्ति, आरोग्य, सुख, शान्ति, सम्पति, वृद्धि, नमो नमः।
सबकी सुख सम्पति, राम प्रिय, प्रिय राम।
यह चालीसा, पाठ करे, सुख पाये, श्री राम।
(नोट: उपरोक्त चालीसा के बोल केवल उदाहरण के लिए दिए गए हैं। वास्तविक चालीसा में विस्तृत पंक्तियाँ होती हैं।)
इस प्रकार, मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन तुलसी चालीसा का पाठ करना न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह घर में समृद्धि और सकारात्मकता लाने का एक सरल और प्रभावी उपाय भी है।









