

Marriage Remedies: जीवन में सुख-शांति और समृद्धि की कामना हर व्यक्ति की होती है, और विवाह उस पवित्र बंधन का नाम है जो दो आत्माओं को जोड़कर इस यात्रा को पूर्णता प्रदान करता है। परंतु कई बार ऐसा होता है कि अथक प्रयासों के बाद भी विवाह में अनावश्यक विलंब होता रहता है, या मनपसंद जीवनसाथी की तलाश पूरी नहीं हो पाती। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इसके पीछे ग्रह दोष एक प्रमुख कारण हो सकता है। ऐसे में निराश न हों, क्योंकि हमारे प्राचीन ग्रंथों और अनुभवी ज्योतिषियों ने ऐसे अनेक सरल और प्रभावी उपाय बताए हैं, जो इन ग्रह बाधाओं को शांत कर शीघ्र विवाह के योग निर्मित कर सकते हैं।
शादी में देरी के लिए Marriage Remedies: ज्योतिषीय उपाय जो बनाएंगे शीघ्र विवाह के योग
शीघ्र विवाह के लिए प्रभावी Marriage Remedies और ज्योतिषीय समाधान
ज्योतिष शास्त्र हमें बताता है कि कुंडली में ग्रहों की स्थिति, विशेषकर बृहस्पति, शुक्र और मंगल जैसे विवाह कारक ग्रहों का प्रतिकूल प्रभाव या उन पर किसी अन्य पापी ग्रह का दृष्टि संबंध, विवाह में बाधाएं उत्पन्न कर सकता है। इन ग्रह दोषों के कारण व्यक्ति को न केवल विवाह में देरी का सामना करना पड़ता है, बल्कि कई बार संबंधों में अड़चनें और गलतफहमियां भी पैदा होती हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इन समस्याओं से मुक्ति पाने और विवाह के शुभ योग बनाने के लिए नीचे दिए गए ज्योतिषीय उपायों को श्रद्धा और विश्वास के साथ अपनाना अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकता है। दैनिक राशिफल और ज्योतिषीय गणनाओं के लिए यहां क्लिक करें
शीघ्र विवाह हेतु सरल और प्रभावी उपाय:
- गुरुवार का महत्व: यदि विवाह में लगातार देरी हो रही है, तो प्रत्येक गुरुवार को भगवान विष्णु की आराधना करें और व्रत रखें। इस दिन पीले वस्त्र धारण करें, पीले रंग का भोजन करें और किसी योग्य ब्राह्मण को पीली वस्तुएं जैसे हल्दी, चने की दाल, पीली मिठाई दान करें। इससे बृहस्पति ग्रह मजबूत होता है, जो विवाह का कारक माना जाता है।
- केले के पेड़ की पूजा: गुरुवार के दिन केले के पेड़ की पूजा करना और उसमें जल अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। संध्या के समय केले के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं और अपनी मनोकामना व्यक्त करें।
- शिव-पार्वती की आराधना: सोलह सोमवार का व्रत या नियमित रूप से भगवान शिव और माता पार्वती की एक साथ पूजा करने से भी विवाह संबंधी बाधाएं दूर होती हैं। शिव-पार्वती का मिलन प्रेम और विवाह का प्रतीक है।
- मंगलवार को मंगल चंडिका स्तोत्र: यदि कुंडली में मंगल दोष के कारण विवाह में देरी हो रही है, तो प्रत्येक मंगलवार को मंगल चंडिका स्तोत्र का पाठ करना विशेष फलदायी होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह पाठ मंगल के नकारात्मक प्रभावों को कम करता है।
- पीले वस्त्र धारण करना: अविवाहित युवक-युवतियों को स्नान के जल में एक चुटकी हल्दी डालकर स्नान करना और पीले रंग के वस्त्र अधिक पहनना चाहिए। यह बृहस्पति को प्रसन्न करता है।
- दान और सेवा: गरीब और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराना, वस्त्र दान करना या किसी धार्मिक स्थल पर सेवा करना भी ग्रहों के अशुभ प्रभाव को कम करता है और विवाह के मार्ग में आने वाली बाधाओं को हटाता है।
विवाह बाधा निवारण हेतु मंत्र:
इन उपायों के साथ-साथ, पवित्र मंत्रों का जाप भी सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। शीघ्र विवाह हेतु आप इस मंत्र का जाप कर सकते हैं:
हे गौरी शंकरार्धांगि यथा त्वं शंकरप्रिया।
तथा माम् कुरु कल्याणि कान्तकान्तां सुदुर्लभाम्॥
निष्कर्ष और सकारात्मक दृष्टिकोण:
ये उपाय श्रद्धा और विश्वास के साथ करने पर अवश्य फलदायी होते हैं। हालांकि, किसी भी ज्योतिषीय उपाय को अपनाने से पहले अपनी कुंडली का विश्लेषण किसी अनुभवी ज्योतिषी से अवश्य कराएं ताकि ग्रह दोषों का सटीक कारण ज्ञात हो सके और तदनुसार उचित समाधान प्राप्त किया जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। धैर्य और सकारात्मकता के साथ किए गए प्रयास हमेशा सफल होते हैं। शुभ विवाह के योग शीघ्र बनें, यही कामना है।





