
Masik Shivratri 2026: शिव भक्तों के लिए मासिक शिवरात्रि का पर्व अत्यंत पावन और फलदायी होता है। यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है, जब सच्चे मन से की गई आराधना जीवन में सुख-समृद्धि और शांति लाती है। इस विशेष दिन पर भक्तजन व्रत रखकर महादेव का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं, जिससे उनके सभी कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Masik Shivratri 2026: जानिए महादेव की पूजा का शुभ समय और विधि
मासिक शिवरात्रि 2026 पर पाएं महादेव का विशेष आशीर्वाद
फाल्गुन मास की मासिक शिवरात्रि भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने का एक सुनहरा अवसर है। वर्ष 2026 में, यह पावन पर्व 17 मार्च, मंगलवार को मनाया जाएगा। इस दिन शिव भक्त ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि से निवृत होकर पवित्र वस्त्र धारण करते हैं और व्रत का संकल्प लेते हैं। ऐसी मान्यता है कि मासिक शिवरात्रि का व्रत करने से अविवाहित कन्याओं को मनचाहा जीवनसाथी मिलता है और विवाहित महिलाएं अपने दांपत्य जीवन में सुख-शांति प्राप्त करती हैं। महादेव की कृपा से सभी विघ्न दूर होते हैं और व्यक्ति आध्यात्मिक उन्नति की ओर अग्रसर होता है। इस विशेष दिन पर शिव पूजन के लिए शुभ मुहूर्त का ज्ञान अत्यंत आवश्यक है, ताकि पूजा का पूर्ण फल प्राप्त हो सके।
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मासिक शिवरात्रि पूजा विधि
- मासिक शिवरात्रि के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
- घर के मंदिर में गंगाजल छिड़ककर उसे पवित्र करें।
- हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प करें।
- भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
- शिवलिंग पर जल, दूध, दही, घी, शहद और गन्ने के रस से अभिषेक करें।
- बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल, भांग, चंदन, रोली, अक्षत और सफेद पुष्प अर्पित करें।
- माता पार्वती को सुहाग का सामान जैसे चूड़ी, बिंदी, सिंदूर आदि चढ़ाएं।
- धूप-दीप जलाकर शिव चालीसा का पाठ करें और व्रत कथा सुनें।
- भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें।
- प्रसाद वितरित करें और स्वयं भी ग्रहण करें।
- रात्रि जागरण कर अगले दिन सुबह व्रत का पारण करें।
पूजन का शुभ समय
| पूजा का समय | दिनांक | अवधि |
|---|---|---|
| मासिक शिवरात्रि तिथि | 17 मार्च 2026 | रात्रि 08:30 बजे से |
| निशिता काल पूजा | 17 मार्च 2026 | रात्रि 24:00 बजे से 24:50 बजे (18 मार्च) |
| पारण का समय | 18 मार्च 2026 | सूर्योदय के पश्चात |
मासिक शिवरात्रि का महत्व
मान्यता है कि मासिक शिवरात्रि के दिन ही भगवान शिव लिंग रूप में प्रकट हुए थे। इस दिन शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है। जो भक्त इस दिन पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ महादेव की उपासना करते हैं, उनके जीवन से सभी बाधाएं दूर होती हैं और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह व्रत मनोवांछित फल देने वाला और पापों का नाश करने वाला है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस पूजा को सही शुभ मुहूर्त में करना अत्यंत लाभकारी होता है।
महादेव के प्रभावशाली मंत्र
ॐ नमः शिवाय॥
महामृत्युंजय मंत्र: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
रुद्र मंत्र: ॐ नमो भगवते रुद्राय॥
निष्कर्ष एवं उपाय
मासिक शिवरात्रि का यह पावन अवसर हमें भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा को और गहरा करने का मौका देता है। इस दिन व्रत और पूजा के साथ-साथ गरीबों और जरूरतमंदों को दान करना भी अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। महादेव को प्रसन्न करने के लिए आप बेलपत्र पर चंदन से ‘ॐ नमः शिवाय’ लिखकर शिवलिंग पर अर्पित कर सकते हैं। यह सरल उपाय आपके जीवन में सकारात्मकता और महादेव का आशीर्वाद लाएगा।
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